स्वाइन फ्लू : आखिर चेता शिक्षा विभाग
कोटा. स्वाइन फ्लू को लेकर आखिरकार शिक्षा विभाग की नींद टूट गई। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार को शहर के एक दर्जन सरकारी स्कूलों का निरीक्षण किया और संस्था प्रधानों व अध्यापकों को स्कूलों में स्वाइन फ्लू से निबटने के लिए आवश्यक दिशा—निर्देश दिए।
12 नवंबर के अंक मंे प्रकाशित खबर ‘इंतजाम तो दूर ऐहतियात भी नहीं’ के बाद डीईओ प्रारंभिक उषा सक्सेना, एडिशनल डीईओ सूरज अग्रवाल, प्रकोष्ठ अधिकारी सुरेश शर्मा ने स्कूलों का दौरा किया। डीईओ ने महावीर नगर प्रथम, तृतीय, मल्टीपरपज स्कूल व टिपटा बालिका विद्यालय का निरीक्षण किया।
इन स्कूलों में प्रार्थना सभा होना बंद हो गई है और बच्चों को एक जगह एकत्र नहीं होने दिया जा रहा है। क्लासों मंे भी बच्चों को दूर—दूर बैठाना शुरू कर दिया है। हाथ धोने के लिए साबुन भी मिला। इसके अलावा क्लासरूम व टायलेट के आसपास भी साफ— सफाई मिली।
टिपटा स्कूल में रखी टंकी को साफ करा दिया गया। कई स्कूलांे मंे साबुन नहीं मिलने पर इसके निर्देश दिए गए। डीईओ उषा सक्सेना ने बताया कि कई स्कूलों में गेटों पर बच्चों को चैक नहीं किया जा रहा था। इस पर संस्था प्रधानों को निर्देश दिए गए कि वे हर बच्चे को प्रतिदिन गेट पर ही चेक करें और बुखार, खांसी जुकाम से पीड़ित मिलने पर उसके परिजन को बुलाकर डॉक्टर के पास भेजें।
स्वाइन फ्लू : छह और संदिग्धों के नमूने लिए
एमबीएस अस्पताल में शुक्रवार को स्वाइन फ्लू के 6 संदिग्ध रोगियों के नमूने लिए गए। इन्हें जांच के लिए जयपुर भिजवाया जाएगा। स्वाइन फ्लू कोर कमेटी के प्रभारी डॉ. एसआर मीणा ने बताया कि सर्दी बढ़ने के साथ ही आउटडोर मंे डॉक्टरों को बुखार, खांसी—जुकाम के मरीजों की जांच और अधिक सर्तकता से करने के लिए कहा गया है।
अस्पताल के आउटडोर में 148 मरीज पहुंचे, जिनमें से 6 लोग संदिग्ध लगे। इनके स्वाब का नमूना लिया गया है। 11 नवंबर को भेजे गए 5 मरीजांे के नमूनों की जांच रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। वहीं स्वाइन फ्लू वार्ड मंे भर्ती मंजू बेगम की हालात में सुधार होने पर उसे डिस्चार्ज कर दिया गया है। अब वार्ड में एक दिन पहले भर्ती हुए रवि कुमार व बद्रीनारायण ही हैं। इनकी भी हालात में सुधार हो रहा है।
बाल दिवस पर कार्यक्रम नहीं
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक रामपाल शर्मा ने बताया कि फ्लू की आशंका को देखते हुए स्कूलों को बाल दिवस पर सामूहिक कार्यक्रमों का आयोजन नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। छोटे स्तर पर कक्षाओं में बाल दिवस कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं।










