पकिस्तान भी मुरीद है सचिन का
कराची. रविवार को अपने क्रिकेट करियर के सुनहरे बीस वर्ष पूरे करने वाले सचिन रमेश तेंदुलकर को चाहने वाले सिर्फ भारत में ही नहीं हैं, बल्कि पडोसी देश पकिस्तान के क्रिकेट खिलाडी भी लिटिल मास्टर की बल्लेबाजी और जज्बे के कायल हैं|
पूर्व पाक खिलाडियों ने मास्टर ब्लास्टर को खेल का सच्चा राजदूत करार देते हुए उनकी खुले शब्दों में सराहना की है| सन् 1989 में तेंदुलकर ने 16 साल की कच्ची उम्र में कराची के नॅशनल स्टेडियम में पाकिस्तान के ही विरुद्ध अपने टेस्ट कैरियर का आगाज़ किया था|
पकिस्तान के पूर्व कप्तान और धाकड़ बल्लेबाज़ जावेद मिआंदाद ने सचिन की तारीफ करते हुए कहा, मैं हमेशा युवा खिलाडियों को सचिन के पदचिन्हों पर चलने की सलाह देता हूँ|
"उस समय हमारी टीम इमरान खान, वासिम अकरम, वाकर यूनिस और सलीम जफ़र जैसे खतरनाक गेंदबाजों से लैस थी, पर जो बात आज भी नहीं भूलती वो है सचिन का अपने टेस्ट कैरियर की पहली गेंद का सामना करने का अंदाज़| तेज़ गेंदबाज़ वाकर यूनिस की पहली ही तेजतर्रार गेंद को इस युवा खिलाडी ने फ्रंट फुट पर आकर ड्राइव कर दिया था| उसका आत्मविश्वास अद्भुत था," मिआंदाद ने यादें ताजा करते हुए कहा|
"सचिन क्रिकेट से प्यार करते हैं और अपने परिश्रम और प्रतिबद्धता से वे खेल के सही मायने मैं दूत हैं," मिआंदाद ने कहा| पूर्व पाकिस्तानी फिरकी गेंदबाज़ अब्दुल कादिर, जो पहली बार 1989 में ही पेशवर में हुए एकदिवसीय मैच में सचिन से मुखातिब हुए थे, उनके विचार से सचिन एक चैम्पियन हैं और वो आने वाले समय में और भी रिकॉर्ड तोडेंगे|
पेशावर में हुए उस मैच में तेंदुलकर ने कादिर के एक ओवर में तीन छक्के लगे थे| उस वक्त कादिर अपने चरम पर थे|
पकिस्तान के एक और पूर्व कप्तान इंज़माम-उल-हक कहते हैं, इतनी बुलंदियों को छूने के बावजूद सचिन के पैर सदा ज़मीन पर रहे हैं| "सचिन की जो बात सबसे ज्यादा प्रभावित करती है वो उनका सरल और विनम्र स्वभाव है," इंज़माम ने कहा|
"भारत के विरुद्ध किसी भी मुकाबले में सचिन का विकेट सबसे अहम् होता है| उनके पविलियन लौटते ही पूरी टीम पर एक मानसिक दबाव बन जाता है| सचिन के आंकड़े उनकी महानता बयां करते हैं," पकिस्तान के पूर्व कप्तान ने लिटिल मास्टर की सराहना करते हुए कहा|
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और विकेटकीपर बल्लेबाज़ रशिद लतीफ़ के अनुसार सचिन इस भद्रपुरुषों के खेल के रोल मॉडल हैं| " मैंने सचिन के बारे में बहुत सुना था पर वो असल में क्या हैं ये उनके साथ पहली बार खेलने पर ही पता चला| उनका ज़मीनी स्वाभाव वाकई मन को मोहने वाला है| मैंने उन्हें कभी किसी विरोधी खिलाडी से गाली गलोज करते हुए नहीं देखा," लतीफ़ ने कहा|
सचिन सिर्फ एक महान बल्लेबाज़ ही नहीं बल्कि एक शानदार इंसान भी हैं| तभी तो सरहद पार से भी लोग कह रहे हैं हेट्स ऑफ सचिन!!!










