Sunday, November 15, 2009 01:01 [IST]  

danik bhaskarपहले मार्क हुए खैर नहीं कट पाएंगे, नए सिरे से होगी मार्किग

भास्कर न्यूज

ऊना. भले ही प्रदेश में खैर कटान पर से पाबंदी हटा ली गई है। लेकिन पाबंदी से पहले मार्क हुए पेड़ नहीं कट सकेंगे। जिससे खैर उत्पादक किसानों के साथ-साथ कॉन्ट्रेक्टर लॉबी को भी नुकसान झेलना पड़ सकता है। अब टेन ईयर फैलिंग में शामिल एरिया में नए सिरे से खैर के पेड़ों की मार्किग होगी। इसके बाद ही पेड़ों के कटान की परमिशन मिल पाएगी।



गौरतलब है कि खैर कटान पर पाबंदी लगने से पहले ऊना वन डिवीजन में कई जगह खैर के पेड़ों की डिमारकेशन व मार्किग कॉन्ट्रेक्टर ने करवाई थी। इसकी एवज में किसानों को एडबांस में पैसे भी दिए थे। इसी दौरान हाईकोर्ट ने खैर कटान पर रोक लगा दी। जिससे इन एरियाज में खैर कटान नहीं पाया और न ही कॉन्ट्रेक्टर लॉबी के कई जगह से एडवाांस में दिए पैसे वापस मिल पाए।



इन वन रेंजों में कटेंगे पेड़ : ऊना जिले में सिर्फ भरवाईं और बंगाणा वन रेजों में ही टेन ईयर फैलिंग के तहत खैर कटान हो पाएगा। इसके लिए संबंधित रेंजों को नोटिफिकेशन की कॉपी भी मिल गई है। भरवाई वन रेंज के पंजल और लोहारा ब्लॉक में डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों को इस साल होने वाली फैलिंग में शामिल किया गया है। जबकि बंगाणा वन रेंज में करीब 12 गांवों में खैर के पेड़ कट सकेंगे। रामगढ़धार, ऊना व अंब वन रेजों को इस दफा टेन ईयर फैलिंग में शामिल नहीं किया गया है।



फील्ड में सक्रिय हुई लॉबी: खैर से पाबंदी हटने के बाद कत्था लॉबी फील्ड में सक्रिय हो गई है। ऊना वन डिवीजन में जिन वन रेजों में टेन ईयर फैलिंग के तहत खैर कटान होगा। उस एरिया में खैर उत्पादक किसानों से कॉन्ट्रेक्टर लॉबी द्वारा संपर्क किया जा रहा है।



सुप्रीम कोर्ट की जजमेंट पढ़ने के बाद ही यह क्लीयर हो पाएगा। अभी वे नाहन में स्पोटर्स मीट के कार्यक्रम में व्यस्त हैं। जजमेंट पढ़ने के बाद ही सही जानकारी दे पाएंगे। - एके गुलाटी एडिशनल पीसीसीएफ, शिमला

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