Sunday, November 15, 2009 01:49 [IST]  

danik bhaskarसही सवाल

Bhaskar

रोमांच के शौकीन कुछ दोस्त अफ्रीका के जंगलों में घूमने गए थे। उन्होंने उस क्षेत्र के बारे में पर्याप्त जानकारी जुटा ली और फिर जंगल में भटकने के लिए निकल पड़े। वे कैंप से काफ़ी दूर निकल आए थे। यहां-वहां फिरते, ख़ूबसूरत नÊारों को निहारते हुए उन्हें पता ही नहीं चला कि वे जंगल के किस हिस्से में पहुंच गए हैं।



जंगल घना था, रोशनी भी कम थी। इसी बीच वे एक नई दिशा में बढ़ने लगे। अब उनका लक्ष्य किसी भी तरह वहां से बाहर निकलना था। जब एक पगडंडी दिखी, तो दोस्तों की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा। वे उसी राह पर बढ़ चले। लेकिन यह क्या! कुछ दूर जाने के बाद पगडंडी दो भागों में बंट गई थी और सामने एक जंगली खड़ा था।



उन लोगों को इतना पता था कि जंगल में दो जनजातियों के कबीले हैं। दोनों लगते तो एक समान हैं, पर उनके स्वभाव में Êामीन-आसमान का अंतर है। एक कबीले में अगर कोई अजनबी पहुंच जाए, तो वे उसका ख़ूब स्वागत-सत्कार करते हैं। इसके उलट, दूसरे कबीले में भूले से भी पहुंच जाने वाला व्यक्ति जीवित वापस नहीं आता, वे उसे मारकर खा जाते हैं। उनमें एक और फ़र्क़ था। भले कबीले वाले हमेशा सच बोलते थे, जबकि नरभक्षी कबीले वालों से जो भी पूछा जाए, वे बिल्कुल उल्टा या झूठा जवाब देते थे। समस्या विकट थी। रास्ते दो ही थे। एक सवाल उन्हें Êिांदगी या मौत दे सकता था।
दूसरी तरफ़, वह जंगली अपनी जगह पर खड़ा उन्हें घूरे जा रहा था। वापस घने जंगल में जाने का कोई तुक नहीं था, क्योंकि वहां तो और भी बड़े ख़तरे थे। पर बड़ा सवाल यह था कि सवाल क्या पूछा जाए। उन्हें Êारा भी अंदाÊा नहीं था कि वह जंगली भले कबीले का है या बुरे कबीले का? जवाब में सच बोलेगा या झूठ? दोस्तों का दिमाग़ दौड़ने लगा।



घबराने या भागने का कोई विकल्प नहीं था। चुनौती से निबटना था। दिमाग़ को शांत रखना था। आख़िर उन लोगों ने एक सवाल तय कर लिया, जिसके सच्चे या झूठे, किसी भी जवाब में उन्हें फ़ायदा ही था। उनमें से एक आदमी बढ़ा और उसने संयत स्वरों में पूछा, ‘मुझे तुम्हारे कबीले तक पहुंचना है। तुम्हारे कबीले की ओर जाने का रास्ता कौन-सा है?’ अब अगर वह जंगली भले कबीले का होगा, तो सही रास्ता बताएगा और बुरे कबीले का होगा, तो उल्टा रास्ता बताएगा, जो अंतत: भले कबीले की ओर ही जाएगा।




सबक़ जिंदगी का..जिंदगी में सही जवाबों के साथ सही सवाल जानना भी महत्वपूर्ण है। निर्णायक परिस्थिति में सिर्फ़ एक सवाल ही हमारी क़िस्मत बदल सकता है।

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