102 डायल करें, एंबुलेंस पहुंचेगी आपके द्वार तक
पंचकूला. बाल दिवस के मौके पर राज्य में ‘हरियाणा स्वास्थ्य वाहन सेवा’ व ‘नेहरू बाल दृष्टि योजना’ नाम से दो नई स्कीमें शुरू की गई हैं। दोनों स्कीमें सभी जिलों के लिए एक साथ अमल में लाई गई हैं। इनका शुभारंभ मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने शनिवार को जनरल अस्पताल से किया। गांव हो या शहर टेलीफोन नंबर 102 डायल करने पर एंबुलेंस की सेवा 24 घंटे घर-द्वार पर उपलब्ध होगी।
इस स्कीम के तहत राज्य में 319 एंबुलेंस ‘जीपीएस’ सिस्टम व ऑक्सीजन और इमरजेंसी दवाओं के साथ उपलब्ध कराई गई हैं। इनकी लोकेशन हर वक्त जिला स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम पर पूरे विवरण के साथ उपलब्ध रहेगी। ये एंबुलेंस बीपीएल कार्डधारकों, अधिसूचित झोपड़पट्टियों, पूर्व सैनिकों, स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों की गर्भवती महिलाओं को डिलीवरी और सड़क हादसे में घायल लोगों को निकटवर्ती सरकारी अस्पताल/डिस्पेंसरी तक लाने के लिए नि:शुल्क मिलेंगी।
जनरल श्रेणी के परिवारों को इस एंबुलेंस सेवा का लाभ लेने के लिए 7 रुपए प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान करना होगा। मुख्यमंत्री ने पंचकूला में एंबुलेंस का काफिला झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि एनआरएचएम (नेशनल रूरल हेल्थ मिशन) के तहत मिलीं 319 एंबुलेंस के बेड़े में 100 और एंबुलेंस निकट भविष्य में शामिल की जाएंगी।
पंचकूला जनरल अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा
पंचकूला के जनरल अस्पताल में जल्द ही डायलिसिस की सुविधा भी मिलेगी। अस्पताल में मरीजों को आधुनिक स्तर का इलाज मुहैया करने के लिए कई स्पेशलिस्ट और कुछ सुपर स्पेशलिस्ट पहले ही दिए जा चुके हैं। यह जानकारी मुख्यमंत्री हुड्डा ने दी।
मुख्यमंत्री ने विधायक डी.के. बंसल की तरफ से पंचकूला में अत्याधुनिक सुविधाओं सहित मोहाली के फोर्टिस या चंडीगढ़ के पीजीआई जैसा बड़ा अस्पताल बनाए जाने की मांग के जवाब में कहा कि पंचकूला के अस्पताल में इलाज के लिए आधुनिक सुविधाएं मुहैया की जा रहीं और जल्द ही यहां डायलिसिस का भी प्रावधान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री का कहना था कि पंचकूला में और बड़ा अस्पताल बनाने की कोई जरूरत नहीं क्योंकि जनरल अस्पताल ही लोगों को हर संभव बेहतरीन चिकित्सा सेवाएं मुहैया करने में सक्षम होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से राज्य में छह जिला अस्पतालों को अपग्रेड किया जा रहा है।










