फर्जी निकला लाइसेंस
तालेड़ा/(बूंदी). कोटा शहर के एक निजी स्कूल संचालक प्रतीक अग्रवाल से चार माह पूर्व बरामद हुई जर्मनी की रिवाल्वर का लाइसेंस फर्जी निकलने के साथ ही हाड़ौती में फर्जी लाइसेंस से हथियार रखने वाले प्रभावशाली लोगों का पर्दाफाश हुआ है। जम्मू-कश्मीर होकर आई तालेड़ा पुलिस की टीम ने तहकीकात में प्रतीक की रिवाल्वर का लाइसेंस फर्जी पाया।
श्रीनगर के जिला कलेक्टर ने प्रतीक अग्रवाल को रिवाल्वर का लाइसेंस जारी नहीं करने की पुष्टि करते हुए तालेड़ा पुलिस को सकते में ला दिया है। प्रतीक की गिरफ्तारी के बाद अन्य कई मामलों का खुलासा हो सकता है, जिसमें जर्मनी की रिवॉल्वर प्रतीक तक कैसे पहुंची, जांच का अहम विषय होगा।
पुलिस के अनुसार 6 जुलाई को बल्लोप गांव के समीप एक जीप की टक्कर से महिला की मौत के बाद आक्रोशित भीड़ पर रिवॉल्वर तानने वाले प्रतीक अग्रवाल को भीड़ ने रिवॉल्वर समेत धर-धबोचा और पुलिस के हवाले कर दिया। प्रतीक के कब्जे से एक 32 बोर 7 राउंड वाली जर्मनी रिवॉल्वर के साथ दो जिंदा कारतूस जब्त किए। प्रतीक के पास लाइसेंस होने के कारण उस समय उसे मौके पर गिरफ्तार नहीं किया गया।
बाद में जब पुलिस ने लाइसेंस की जांच की तो वह फर्जी निकला। पुलिस ने प्रतीक के खिलाफ फजी तरीके से हथियार का लाइसेंस बनाने व अवैध रिवॉल्वर रखने का मुकदमा दर्ज कर प्रतीक की तलाश शुरू की है। श्रीनगर गई पुलिस टीम के प्रभारी बृजराज शर्मा के अनुसार तथाकथित रूप से श्रीनगर जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी हुआ लाइसेंस फर्जी तरीके से तैयार किया हुआ है, प्रतीक की गिरफ्तारी के बाद मामले का खुलास हो सकेगा।










