राजहरा में विचरते हैं जंगली जानवर
दल्लीराजहरा. दो आदमखोर तेंदुए को पकड़ने के बाद क्षेत्र में और तेंदुए होने की आशंका के चलते वन विभाग द्वारा संबंधित क्षेत्रों में पिंजरे लगाए गए हैं।
पहाड़ी से लगे वार्डो के नागरिकों ने और तेंदुआ देखने का दावा किया है। चारों तरफ पहाड़ियों से घिरे राजहरा में कभी-कभी तेंदुए जैसे आदमखोर जानवर आ घुसते हैं लेकिन हिरण, लकड़बग्घा, मोर, भालू आदि जानवरों का आना यहां आम बात है। टाउनशिप के नागरिकों के मुंह से ऐसी बातें आए दिन सुनने को मिलती है।
गौरतलब है कि वार्ड क्रमांक 10 एवं 12 में तेंदुए होने की आशंका बनी हुई है। वन विभाग द्वारा वार्ड 10 व 12 के बीच रामनगर क्षेत्र के पहाड़ियों के समीप अभी भी पिंजरा रखे गए हैं। पिछले कुछ दिनों से तेंदुए की दहशत से अब नगरवासियों ने राहत की सांस ली है। दो तेंदुए के पकड़े जाने के बाद भी संबंधित क्षेत्र के रहवासियों ने तेंदुए के होने की आशंका व्यक्त की है। वार्ड 10 निवासी ननकूराम साहू व संतोष देवांगन ने बताया कि क्षेत्र में तेंदुए आज भी मौजूद हैं।
तेंदुए पकड़े गए दो आदमखोर तेंदुए की तरह आतंक नहीं फैला रहे हैं लेकिन अपनी प्रजाति के अनुरूप ये जानवर हिंसक होते हैं इसलिए अपनी सावधानी से अपनी रक्षा करनी चाहिए। बीएसपी में काम करने वाले कर्मियों द्वारा वन्य प्राणियों को देखे जाने की बात हमेशा सुनने में आती रहती है।
जंगल में लकड़ी काटने जाने वाले लोगों का भी अक्सर कई प्रकार के जानवरों से सामना हो ही जाता है। इस बार तेंदुए के द्वारा मचाया गया आतंक खतरनाक हो सकता था लेकिन वन विभाग की सूझबूझ व सक्रियता एवं जन सहयोग ने किसी भी प्रकार की जन हानि से नगरवासियों को बचा लिया।










