4330 की स्क्रीनिंग, 129 बीमार, दो एसके में भर्ती
सीकर. प्रशासन की ओर से जिले भर के स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों और एसके अस्पताल में कुल 4330 बच्चों की स्क्रीनिंग कराई गई। स्क्रीनिंग में कुल 129 बच्चे सर्दी-जुकाम और बुखार से पीड़ित पाए गए। दो बच्चे अधिक बीमार मिले, जिन्हें जांच के लिए एसके अस्पताल रैफर किया गया। जबकि, अन्य 127 बच्चों को दवा देकर घर भेज दिया गया।
उधर, एसके अस्पताल में कई दिनों से उपचाराधीन एक महिला को संभावित मानते हुए आइसोलेशन वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया। सीएमएचओ डा. आरके मीणा ने बताया कि फतेहपुर में तीन टीमों ने 944, 525 और 307 बच्चों की स्क्रीनिंग की। इनमें 74 बच्चे सर्दी-जुकाम से पीड़ित पाए गए। इनमें कोई गंभीर नहीं मिला, बच्चों को दवाई देकर घर भेज दिया गया।
श्रीमाधोपुर में 1917 बच्चों की स्क्रीनिंग में 53 बच्चे मामूली सर्दी-जुकाम से पीड़ित पाए गए। इन्हें भी दवा देकर घर भेज दिया गया। इसी तरह नीमकाथाना में 569, लक्ष्मणगढ़ में 168 की स्क्रीनिंग हुई, वहां भी कोई संभावित मरीज नहीं मिला। कुछ मामूली बीमार बच्चों को दवा दी गई। लक्ष्मणगढ़ के बगड़िया स्कूल के 31 बच्चों की स्क्रीनिंग हुई, जिसमें तीन बच्चों को सर्दी-जुकाम था, उन्हें दवा देकर समय-समय पर चेकअप कराने की सलाह दी गई।
धोद में स्क्रीनिंग में दो बच्चे अधिक बीमार मिले, जिन्हें गहन जांच के लिए संभावना के आधार पर सीकर रैफर कर दिया गया। रात तक एसके अस्पताल में उनकी उपस्थिति दर्ज नहीं हुई। सीएमएचओ ने बताया कि रविवार को इन मरीजों के बारे में मालूम कराएंगे, हो सकता है कि ये दोनों मरीज किसी प्राइवेट अस्पताल में चले गए हों।
एसके अस्पताल के आउटडोर में शनिवार को 8 लोगों ने चेकअप कराया, लेकिन ये लोग भी ठीक पाए गए। कुछ को सर्दी-जुकाम था, जिन्हें दवा देकर घर भेज दिया गया। उधर, एसके अस्पताल में पांच दिन से भर्ती वार्ड नंबर 27 की किरण (38) पत्नी सांवरमल को सांस लेने में तकलीफ होने पर शनिवार शाम को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया।
उपचार कर रहे डा. देवेंद्र दाधीच ने बताया कि महिला अस्थमा से पीड़ित है, हालांकि स्वाइन फ्लू की संभावना नहीं है, लेकिन फिर भी एहतियात के तौर पर उसे आइसोलेशन में भर्ती किया गया। सुबह तक उसकी हालत में सुधार रहा तो छुट्टी दे दी जाएगी। उधर, दांतारामगढ़ स्थित ब्लॉक में लोगों को जागरूक करने के मकसद से स्वाइन फ्लू पर कार्यशाला का आयोजन किया गया।
प्रशासन की पैनी नजर
जिले भर में स्क्रीनिंग कराई जा रही है। शनिवार को 4330 लोगों की स्क्रीनिंग में दो बीमार मिले, जिन्हें सीकर रैफर किया गया। स्वाइन फ्लू के बारे में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। प्रशासन पैनी नजर रखे हुए है। - जीएल गुप्ता, कलेक्टर
विदेशियों ने भी पी बचाव की खुराक
स्वाइन फ्लू को लेकर जागरूक हुए लोगों की शनिवार को दूसरे दिन भी धानुका होम्योपैथिक और भरतिया अस्पताल में बचाव की दवा पीने के लिए भीड़ उमड़ी रही। विदेशी भी बचाव में पीछे नहीं रहे, आम लोगों के साथ उन्होंने भी होम्योपैथ की खुराक पी। कस्बे में स्वाइन फ्लू के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और सामान्य बुखार को भी गंभीरता से लिया जा रहा है।
कई लोग मास्क लगाकर घरों से निकल रहे हैं। भरतिया अस्पताल और धानुका अस्पताल में स्वाइन फ्लू के बचाव के लिए पिलाई जा रही खुराक पीने के लिए शनिवार को भीड़ उमड़ पड़ी। नादीन प्रिंस ली हवेली में रहने वाले शोधार्थी जॉन, जूलियट, वेस्थी, विजय जोशी आदि ने भी स्वाइन फ्लू से बचाव की दवा पी।
डिप्टी सीएमएचओ डा.विष्णु मीणा ने बताया स्वाइन फ्लू के लिए ४क्क् टेबलेट्स आई हैं। वहीं, चिकित्सा विभाग के सहयोग से रविवार सुबह उस्मानिया मस्जिद के पास कैंप लगाया जाएगा जिसमें दवा, मास्क आदि निशुल्क वितरित किए जाएंगे।
हिमोग्लोबीन घटने से हुई थी बालिका की मौत
ठिकरिया बावड़ी की बालिका की मौत स्वाइन फ्लू से नहीं, हिमोग्लोबीन घटने से हुई थी। शनिवार को डाक्टरों की टीम ने जांच के बाद इसकी पुष्टि की। सीएमएचओ डा. आरके मीणा ने बताया कि ठिकरिया बावड़ी निवासी सुनीता वर्मा (13) पुत्री मालीराम दो महीने से बीमार थी। उसे बुखार और खांसी की समस्या थी।
परिजनों द्वारा उपचार में लापरवाही बरते जाने के कारण उसका हिमोग्लोबीन घटकर 2.2 रह गया था। शरीर में खून की मात्रा अत्यधिक कम हो जाने से उसकी मौत हो गई थी। गौरतलब है कि शुक्रवार शाम को 108 इमरजेंसी एंबुलेंस ने सुनीता को एसके अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार से पहले ही दम तोड़ दिया था।
मोदी की पांच और पॉजीटिव छात्राएं गईं घर
मोदी संस्थान कैंपल स्थित बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में उपचाराधीन स्वाइन फ्लू पॉजीटिव पांच और छात्राओं को उनके परिजन साथ ले गए। अब यहां उपचाराधीन दस पॉजीटिव छात्राएं बची हैं, जिनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है। छात्राओं की तबीयत में सुधार को देखते हुए शनिवार शाम मोदी से स्वास्थ्य विभाग की टीम हटा ली गई।
सीएमएचओ ने बताया कि शनिवार को मोदी संस्थान के आइसोलेशन वार्ड के विजिट में उपचाराधीन दस छात्राओं की रिपोर्ट देखी। छात्राओं की हालत में तेजी से सुधार हो रहा है। यहां भर्ती पांच छात्राओं को सुबह ही उनके परिजन साथ ले गए, हालांकि छात्राओं के जाने से अब फ्लू के फैलने का खतरा नहीं रह गया है, जो छात्राएं गईं वे लगातार दवा का सेवन कर रही थीं और उनकी हालत में भी सुधार था।
सीएमएचओ ने बताया कि मोदी संस्थान में लगाए गई डाक्टर की टीम शनिवार शाम को हटा ली गई। छात्राओं की हालत में सुधार और वहां पर एक प्राइवेट डाक्टर की निगरानी होने के कारण यह निर्णय लिया गया। बीमार छात्राओं का हाल जानने के लिए डाक्टर एक बार यहां विजिट जरूर करेंगे।










