बावलिया बाबा की हवेली म्यूजियम बनेगी
बुगाला. शेखावाटी के संत चिड़ावा के नगरदेव परमहंस पं. गणोश नारायण (बावलिया बाबा) की जन्म स्थली पैतृक हवेली का जीर्णोदार कर म्यूजियम बनाया जाएगा। पं. गणोशनारायण जनसेवा ट्रस्ट के भंवरसिंह शेखावत ने बताया कि पिछले दिनों ट्रस्ट की मुंबई में बाबा के निर्वाणोत्सव के शताब्दी समारोह को लेकर बैठक हुई।
जिसमें आत्माराम शर्मा द्वारा रखे गए प्रोजेक्ट को स्वीकार कर शताब्दी समारोह से पहले हवेली का जीर्णोद्वार कर म्यूजियम बनाने निर्णय लिया गया। इसके जीर्णोद्वार पर खर्च होने वाली राशि की ट्रस्ट ने स्वीकृति दे दी है। हवेली का वास्तविक स्वरूप व भित्तिचित्रों से बिना छेड़छाड़ हवेली को हाइटेक किया जाएगा तथा बाबा से जुड़ी एतिहासिक वस्तुओं को सहेजकर रखा जाएगा।
10 जनवरी को होगी बैठक
बाबा की 100वीं पुण्यतिथि से एक साल पहले वर्ष 2011 में होने वाले इस समारोह की तैयारियां की बैठक 10 जनवरी 2010 को मुंबई में होगी। बैठक में जहां-जहां बाबा के मंदिर बने हैं उनकी सूची तैयार की जाएगी।
क्या होगा शताब्दी समारोह में
बाबा की जन्म स्थली से रथयात्रा देश के कोने-कोने में जहां भी बाबा के मंदिर बने है रथयात्रा वहां पहुंचेगी। रथयात्रा में बाबा के भक्तों के साथ-साथ संत समाज भी साथ रहेगा। इन गांवों में बाबा के नाम से संस्कृत स्कूल, अस्पताल, गोशाला एवं जल केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
कहां-कहां है बाबा के मंदिर
देश के अलावा विदेशों में भी बाबा की खूब मान्यता है। न्यूयार्क (अमेरिका) में बाबा का भव्य मंदिर बनाया गया है। मुंबई में बाबा का बड़ा ट्रस्ट एवं मंदिर हैं। इसके अलावा अहमदाबाद, सूरत, ग्वालियर, चिड़ावा, बुगाला, नवलगढ़, पिलानी, खेतड़ी, गुढ़ागौड़जी, बास नानक, नेछवा, घोड़ीवारा, बांसा, बाजौर सहित स्थान स्थानों पर बाबा के मंदिर बने हैं।










