जानलेवा बन रहे डिवाइडर
भोपाल. यातायात को बेहतर और सुगम बनाने के उद्देश्य से बनाए गए रोड डिवाइडर वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं, क्योंकि इन्हें बनाने में नियमों और मापदंडों की अनदेखी की गई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक राजधानी में बनाए गए डिवाइडर में कई खामियां हैं। यही वजह है कि आए दिन इनसे दुर्घटनाएं हो रही हैं। अधिकारियों की मानें तो डिवाइडर से वाहनों के टकराने की माह में करीब 10 हादसे हो रहे हैं। इन हादसों में लोग गंभीर रूप से घायल भी हो जाते हें।
डिवाइडर के टर्निग पाइंट के बीच की अधिक दूरी, इनकी चौड़ाई व ऊंचाई भी निर्धारित मापदंडों के अनुसार नहीं हैं। हबीबगंज नाके से मिसरोद थाने तक लगे डिवाइडर के टर्निग पाइंट के बीच 50 से 100 मीटर तक की दूरी रखी गई है।
संकेतक भी नहीं लगे : रात के समय वाहन चालकों को सजग रखने किसी तरह के कोई संकेतक लगे हैं। ऐसी ही स्थिति रायसेन रोड की भी है। यहां प्रभात पेट्रोल पंप चौराहा से आईटीआई तक डिवाइडर में दूरी के साथ कोई संकेतक नहीं लगाए गए हैं।
यातायात पुलिस विभाग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार डिवाइडर से टकराने की सबसे अधिक दुर्घटनाएं रात के समय होती हैं, जिसकी वजह संकेतक नहीं होना है। यदि डिवाइडर-टर्निंग पाइंट शुरू होने के पूर्व रिफ्लेक्टर लगा दिए जाएं तो दुर्घटनाओं का आंकड़ा कम हो सकता है।
हादसे : हाल ही में एक ही में डिवाइडर से वाहनों की भिडं़त की तीन घटनाएं घटीं। रायसेन रोड पर लगे डिवाइडर से एक ट्रक टकराया तो एमपी नगर और टीटीनगर की सड़क पर लगे डिवाइडरों में कार जा घुसी। अक्टूबर के पहले सप्ताह में भी विधायकआरिफ अकील का वाहन रोड डिवाइडर से टकरा गया था, जिससे श्री अकील के साथ उनके गनमैन को भी चोट आई थी।










