Sunday, November 15, 2009 08:43 [IST]  

danik bhaskarबिगड़ी चिकित्सा सेवाओं से उपजा रोष, प्रदर्शन

भास्कर न्यूज

सादुलशहर. राज्य में स्वाइन फ्लू उभरने के बावजूद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही सरकारी हॉस्पिटल में देखने को मिल रही है। इसी का नमूना है हॉस्पिटल की लैबोरेट्री, जो करीब एक महीने से बंद पड़ी है। रोगियों को मजबूर होकर निजी लैबोरेट्रियों से विभिन्न जांच करवानी पड़ रही है।



इस संबंध में शनिवार को एसएफआई कार्यकर्ताओं ने हॉस्पिटल के समक्ष प्रदर्शन कर जिला कलेक्टर के नाम का ज्ञापन चिकित्सा अधिकारी डॉ. महेश गुप्ता को सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि हॉस्पिटल प्रभारी डॉ. दर्शनसिंह राजपाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ढालिया के साथ ही लैब टैक्नीशियन का भी स्थानांतरण कर रिलीव कर देने से हॉस्पिटल की व्यवस्था ही बिगड़ गई।



रोगियों को न तो वक्त पर इलाज उपलब्ध हो रहा है, न ही लैबोरेट्री की सेवाएं। एसएफआई तहसील महासचिव अमनसिंह, छात्र नेता गणोश शर्मा, भूपेंद्रसिंह आदि ने आरोप लगाया कि हॉस्पिटल में एक अन्य लैब टैक्नीशियन अनुबंध पर कार्यरत है परंतु वह रोगियों की विभिन्न जांचे करने से इंकार करता है। लैबोरेट्री बंद रखी जाती है, ताकि प्राइवेट लैबोरेट्री संचालकों को फायदा दिया जा सके। एक तरफ विभाग एवं राज्य सरकार स्वाइन फ्लू के मद्देनजर विद्यार्थियों को नि:शुल्क जांच एवं उपचार करने की बयानबाजी कर रही है, दूसरी ओर हॉस्पिटल में संभावित रोगी विद्यार्थियों का उपचार एवं जांच करने वाला भी कोई नहीं है।



कार्यवाहक हॉस्पिटल प्रभारी डॉ. महेश गुप्ता ने बताया कि लैब टैक्नीशियन सुदेश गर्ग का स्थानांतरण हो जाने के कारण लैबोरेट्री एक माह से बंद है। दूसरा टैक्नीशियन विकास मुंजाल अनुबंध पर एड्स आदि की जांच के लिए रखा हुआ है। मलेरिया की स्लाइड लेकर लालगढ़ अथवा श्रीगंगानगर के हॉस्पिटल में जांच के लिए भेजी जाती है। टैक्नीशियन उपलब्ध करवाने के लिए सीएमएचओ को तीन पत्र भेजे जा चुके हैं।

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