अंतरराष्ट्रीय कॅरियर की शुरुआत से पहले ही लोकप्रियता की ऊंचाइयां नापने वाले सचिन तेंडुलकर को उनकी पत्नी अंजलि पहली मुलाकात में नहीं पहचान पाई थीं। अंजलि के अनुसार, तभी सचिन उनकी क्रिकेट की समझ की कमी के कायल हो गए थे।
1995 में सचिन संग विवाह बंधन में बंध चुकीं अंजलि ने कहा, ‘सचिन से मेरी पहली मुलाकात 1990 में मुंबई एयरपोर्ट पर हुई। तब वे इंग्लैंड का पहला दौरा कर टीम के साथ लौट रहे थे, जबकि मैं अपनी मां को लेने एयरपोर्ट गई थी। हमने पहली बार वहां एकदूसरे को देखा।
चार साल की दोस्ती के बाद हमने 1994 में न्यूजीलैंड में सगाई की। अगले साल हम विवाह बंधन में बंध गए।’ जब अंजलि ने सचिन से डेटिंग शुरू की, तब वे क्रिकेट की जानकारी नहीं रखती थीं। डेटिंग के बाद उन्होंने क्रिकेट के बारे में पढ़ना शुरू कर दिया।
अंजलि ने कहा, ‘जब मैं उनसे पहली बार मिली, तो क्रिकेट के बारे में कुछ भी नहीं जानती थी। मेरे ख्याल से उन्हें मुझमें यही बात सबसे अच्छी लगी। जब मैंने कुछ दिनों बाद उनसे क्रिकेट पर चर्चा करनी चाही, तो उन्होंने इस बारे में ज्यादा रुचि नहीं ली। जब भी वे हताश या निराश होते हैं, तो मैं उनसे क्रिकेट की बातें जरूर करती हूं। वैसे, हमारी चर्चा खेल पर न होकर उससे संबंधित विषयों पर होती है।’
पति के लिए कॅरियर छोड़ा : सचिन को पूरा समय देने के लिए अंजलि ने मेडिकल का कॅरियर छोड़ दिया, लेकिन उन्हें इस फैसले पर कोई पछतावा नहीं। उन्होंने कहा, ‘हालांकि, मैंने अपनी पढ़ाई और सरकारी अस्पताल में काम के दौरान भरपूर आनंद लिया।एक समय ऐसा भी लगा कि मुझे सचिन से शादी नहीं करनी चाहिए और कॅरियर पर पूरा ध्यान देना चाहिए। लेकिन यह मुश्किल था क्योंकि सचिन मुझ पर बहुत हद तक निर्भर हो चुके थे। इसलिए मैंने सोचा कि घर में रहकर मुझे उनको पूरा समर्थन देना चाहिए।’
सचिन की बैटिंग के दौरान हिलती भी नहीं : जब सचिन बल्लेबाजी कर रहे होते हैं, तो अंजलि तनाव में आ जाती हैं और फोन भी नहीं उठातीं। वे बताती हैं, ‘दरअसल, घर में एक ऐसी जगह है, जहां से मैं टीवी और गणपति की मूर्ति पर नजर रख सकती हूं।
इसलिए जब सचिन बल्लेबाजी कर रहे होते हैं, मैं उस जगह से नहीं उठती। उस दौरान मैं खाना नहीं खाती, पानी नहीं पीती और फोन के जवाब भी नहीं देती। यहां तक कि मैं वहां से हिलती भी नहीं।’
आधी फिल्म छोड़कर भागे सचिन-अंजलि : सचिन के प्रशंसकों के चलते अंजलि के लिए पति के साथ आम लोगों की तरह फिल्म देखना या घूमने जाना संभव नहीं है।
अंजलि एक वाकये के बारे में बताती हैं, ‘मेडिसिन की पढ़ाई के दौरान मैंने सचिन और अपने दोस्तों के साथ फिल्म रोजा देखने की योजना बनाई। सचिन ने कहा कि यह मुश्किल होगा, लेकिन मैंने उन्हें मना लिया। लोगों की नजरों से बचाने के लिए हमने सचिन को नकली दाढ़ी और चश्मा पहनाया। हम फिल्म देखने देरी से गए। पहले हाफ तक तो सब ठीक रहा, लेकिन बाद में मामला बिगड़ गया। दरअसल, इंटरवल के दौरान सचिन का चश्मा गिर गया और लोगों ने उन्हें पहचान लिया। यह बड़ी मुश्किल घड़ी थी और हमें फिल्म बीच में छोड़कर भागना पड़ा।’










