सुकून में बदली दहशत
कुछ सालों पहले तक कोलंबिया से नेटवर्क चलाने वाले सबसे बड़े ड्रग माफिया के घर को सार्वजनिक थीम पार्क बना दिया गया है, जिसके नाम से कभी लोग डरा करते थे अब उसी के घर में उन्हें सुकून मिलता है। बीच जंगल में बने इस आठ वर्गमील के एस्टेट में माफिया की बहुत सी चीजें प्रस्तुत की गई हैं। वहां पर कई तरह के जानवर भी पले हुए हैं।
इन तस्वीरों में दिखाया गया थीम पार्क कोलंबिया के एक पूर्व ड्रग माफिया पैब्लो एस्कोबार का घर है। साउथ अमेरिका के जंगलों के बीच इस माफिया का आठ वर्गमील में फैला ये एस्टेट है। यहां से ये अपनी नशीली दवाओं की सल्तनत चलाया करता था और एक वक्त था जब इसे दुनिया के टॉप-10 रईसों में गिना जाता था।
समझा जाता है कि 1989 तक एस्कोबार दुनिया की 80 प्रतिशत कोकीन बेचा करता था और करीब 4000 लोगों को जान से मार चुका था। उसने कई देशों की सरकारों को हिला रखा था। 1993 में वह पुलिस के साथ हुए शूट आउट में मारा गया था। इसके बाद से ये एस्टेट वीरान खंडहर में बदलता जा रहा था। अब इस एस्टेट को थीम पार्क बना दिया गया है। इस हरे-भरे देश में ये पार्क देखने के लिए टूरिस्टों की भीड़ लगी रहती है।
अपनी बेरहम शख्सियत होने के बाद भी इस ड्रग माफिया ने अपने घर को कल्पनालोक की तरह सजाया था। अब वहां जाने वाले सिर्फ पांच पाउंड खर्च कर इस एस्टेट का मजा ले सकते हैं। यहां कि खासियतों में है कांक्रीट से बना एक विशाल डायनोसोर, बुल-फाइटिंग रिंग और इसके ज़ू में जिराफ, हाथी, कंगारू और हिप्पो जैसे कई जानवर भी हैं। इसके अलावा एस्कोबार के ड्रग्स से जुड़े कारोबार के बहुत से सबूत भी यहां मौजूद हैं। इनमें उसके वॉन्टेड के पोस्टर और बहुत सी जली हुई लक्झरी कारें भी इस बुलेट-प्रूफ घर में रखी हुई हैं।
अमेरिका से ड्रग्स स्मगल करने के लिए वह एक निजी प्लेन भी इस्तेमाल किया करता था। ये प्लेन उसने एस्टेट के मुख्य द्वार पर सजा रखा था। ये प्लेन अब भी वहीं पर रखा हुआ है। इस एस्टेट को हैसिएंडा नैपोलेस कहा जाता है और अब यहां हर साल करीब 50 हजार लोग ये देखने आते हैं कि एस्कोबार अपने पीछे क्या छोड़ गया है। वहां के स्थानीय लोग उसे एल पेट्रॉन के नाम से जानते थे।










