पानी में खाने का मजा

दुनिया से खत्म हो रहे व्हाइट बंगाल टाइगर्स का सिंगापुर के पास सबसे बड़ा कलेक्शन है। इनके संरक्षण के लिए भी सिंगापुर ने कई योजनाएं चला रखी हैं। वहां के एक चिड़ियाघर में इस नस्ल के पांच टाइगर रखे गए हैं। इन्हें खाना खिलाते समय मांस के टुकड़े पानी में फेंके जाते हैं। उस समय ये सभी एक साथ पानी में छलांग लगाकर खास तरह की हरकतें करते देखे जा सकते हैं।
दुर्लभ व्हाइट बंगाल टाइगर की ये खूबसूरत तस्वीरें महिला फोटोग्राफर बिर्टे परसन ने खींची हैं। सिंगापुर के चिड़ियाघर में टाइगर के भोजन के समय ये तस्वीरें ली गई हैं। यहां पर ये पांच साथियों के साथ रहता है। टाइगर की ये नस्ल लुप्त होने की कगार पर पहुंच गई है। फिलहाल दुनिया में इस नस्ल के जितने भी टाइगर बचे हैं सभी कैद में हैं। ये टाइगर की अलग नस्ल नहीं होती है। बंगाल टाइगर्स से ही इनका भी जन्म होता है। सिर्फ जींस में अंतर की वजह से इनका रंग सफेद हो जाता है। जींस में अंतर के ऐसे नतीजे 10 हजार में से एक बार सामने आते हैं। इसकी वजह से टाइगर के सफेद शरीर पर काली धारियां और आंखें नीली हो जाती हैं।

62 वर्षीय फोटोग्राफर बिर्टे ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स में रहती हैं। वे सिंगापुर चिड़ियाघर देखने गई थी और वहीं पर उन्होंने टाइगर की ये हरकतें कैमरे में कैद की थीं। उन्होंने बताया कि फिलहाल दुनिया में सबसे ज्यादा व्हाइट टाइगर्स सिंगापुर में हैं। इस देश ने इस नस्ल के संरक्षण और ब्रीडिंग के लिए कई कार्यक्रम चला रखे हैं। बिर्टे बताती हैं कि जब उन्होंने ये तस्वीरें खीची थीं, उस समय वे एशिया के दूसरे जंगल में शूटिंग के लिए जाने वाली थीं। फिर उन्होंने अपना इरादा बदलकर इस शानदार जानवर की तस्वीरें खींचने का फैसला किया था।
भूख मिटाने की कशमकश : बिर्टे बताती हैं कि ये टाइगर चट्टानों पर बैठे भोजन का इंतेजार करते रहते हैं। जैसे ही पहला निवाला पानी में फेंका जाता है, ये भी एक साथ पानी में छलांग लगा देते हैं। इसके बाद पानी में भूख मिटाने की इनकी कशमकश देखने के काबिल होती है। जब तक सबको कुछ मिल नहीं जाता इस संघर्ष में तेजी रहती है। ये सब इतनी तेजी से होता है कि इनकी तस्वीरें खींचना मुश्किल होता है।

फिर भी मैं अपने काम के नतीजों से काफी संतुष्ट हूं। आमतौर पर टाइगर दो से तीन साल की उम्र के बीच पूरी तरह विकसित हो पाते हैं। जंगलों में इनका औसत जीवन 15 साल तक का होता है। नर टाइगर का वजन 200 से 230 किला के बीच होता है और लंबाई लगभग तीन मीटर तक होती है। मादा टाइगर का वजन 70 से 130 किलो के बीच होता है और उनकी लंबाई 2.5 मीटर तक होती है।










