कानून की वेदी पर हवलदार हलाल
अमृतसर. ‘इंसाफ की डगर पर बच्चो दिखाओ चलके, यह देश है तुम्हारा नेता तुम्हीं हो कल के..’ यह गीत अब हकीकत से कोसों दूर हो चुका है। अगर इस डगर पर चलने की कोशिश की तो दांव उलटा पड़ सकता है। ऐसा ही कुछ होने जा रहा है जिला पुलिस के एक हवलदार के साथ। उसकी गलती इतनी है कि उसने इंसाफ की डगर चलने की कोशिश की, लेकिन आज की नेतागिरी ने उसे इसका सिला दे दिया।
माजरा कुछ इस तरह है, कि वह लोहगढ़ चौक पर ड्यूटी कर रहा था। उसी समय एक मंत्री के बेटे की गाड़ी रेड लाइट क्रास कर गई। उसने तत्काल आगे जाकर गाड़ी रोक ली। हालांकि वहां एक आईपीएस अधिकारी और सब इंस्पैक्टर तैनात थे, मगर किसी ने भी यह जुर्ररत नहीं दिखाई। हलवदार के रोकने के बाद मंत्री पुत्र ने रुआब दिखाना शुरू कर दिया, लेकिन हवलदार ने गाड़ी आगे नहीं जाने दी।
यहां तक कि उसे उच्चधिकारियों ने भी गाड़ी जाने देने को कहा, मगर उस पर कोई असर नहीं हुआ। काफी बहस व उच्चधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मंत्री पुत्र गाड़ी लेकर चला गया। थोड़ी ही देर में मंत्री जी का फोन पुलिस के आला अधिकारियों तक पहुंचा और हवलदार को तत्काल सस्पेंड करने के निर्देश जारी कर दिए गए। उसे सस्पेंड करने का कारण रिश्वत बताया गया।
पहला नहीं है ऐसा मामला
इससे पहले भी थाना सदर प्रभारी को राजनीति की भेंट चढ़ा दिया गया। थाना सदर प्रभारी हरमहेंदर सिंह ने गैंगस्टर जसबीर सिंह को गिरफ्तार किया था। इस गैंगस्टर ने शहर के कई पुलिस मुलाजिमों और अधिकारियों को मारने की सुपारी दे रखी थी।
वह भी किसी मंत्री का राइट हैंड था। इसे पकड़ने के इनाम के बदले थाना प्रभारी को सस्पैंशन मिली। उन पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने खालसा कालेज में आयोजित समारोह में ड्यूटी में लापरवाही बरती। हांलाकि उनकी वहां पर ड्यूटी ही नहीं थी।










