आज बदलेगी अर्की लाइम स्टोन माइन की किस्मत
शिमला. पिछले करीब दो दशक से उपेक्षा का दंश झेल रहीं अर्की की लाइम स्टोन खानों के दिन फिरने वाले हैं। स्टील प्रोसेसिंग में काम आने वाले यहां स्थित उत्तम किस्म के लाइन स्टोन के दोहन का खाका तैयार हो चुका है।
सोलन जिला के अर्की में स्थित लाइम स्टोन खानों के दोहन के लिए केंद्र की दो कंपनियों के बीच सोमवार को करार होगा। प्रदेश की सबसे बड़ी इस खनन परियोजना से दो हजार लोगोंे को रोजगार और राज्य को प्रतिवर्ष 11 करोड़ की रॉयल्टी मिलेगी।
इन खानों को 19 साल पहले नेशनल मिनरल डवलपमेंट बोर्ड ने हासिल किया था। सचिव इस्पात प्रमोद कुमार रस्तोगी ने पुष्टि की है कि दो दशक के लंबे इंतजार के बाद इन खानों को विकसित करने के लिए इस्पात मंत्रालय के अधीन आने वाली स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया और नेशनल मिनरल डवलपमेंट कॉपरेरेशन के बीच केंद्रीय इस्पात मंत्री वीरभद्र सिंह के सामने दिल्ली में सोमवार को अनुबंध होगा।
इस्पात मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अर्की लाइम स्टोन खानों को विकसित करने के लिए दोनों केंद्रीय कंपनियां 200 करोड़ रुपए निवेश करेंगी और यहां मौजूद 200 मिलियन टन रिजर्व लाइम स्टोन का दोहन करेंगी। करार के बाद अर्की खानों से लाइम स्टोन के दोहन में दो से तीन साल का समय लगेगा। कंपनियां लाइम स्टोन के दोहन की फिजीबिलिटी रिपोर्ट व डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। अर्की लाइम स्टोन इस्पात निर्माण के काम आता है।










