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Monday, November 16, 2009 02:11 [IST]  

danik bhaskarवर्दी भी है काजी मंडी की ग्राहक

भास्कर न्यूज

जालंधर. काजी मंडी में स्मैक खरीदने वाले ग्राहकों की लिस्ट में वर्दी भी है। धंधे से जुड़े सूत्र बताते हैं कि स्मैक खरीदने के लिए थानेदार से लेकर सिपाही रैंक के कर्मचारी भी आते हैं। यह सभी स्मैक का नशा लेने के आदी हो चुके हैं। कुछ माह पहले इस मामले को लेकर एक थानेदार को लाइन हाजिर किया गया था। सूत्र बताते हैं कि खुद को पीएपी के मुलाजिम बताने वाले कुछ युवक बाइक पर आते हैं और स्मैक की पुड़ियां खरीद कर चलते बनते हैं।



पाठकों ने खुलासा किया कि किसी समय काजी मंडी से नशा पकड़वाने को लेकर चर्चा में आए कुछ पुलिस कर्मी भी अब स्मैक लेने के आदी हो चुके हैं। काजी मंडी के तस्कर उन्हें मुफ्त में स्मैक देकर उनकी खातिरदारी करते हैं। पाठकों की मानी जाए तो पुलिस की काली भेड़ों की नशे के धंधे में भी हिस्सेदारी है। पाठकों की मानी जाए तो एक दर्जन से ज्यादा पुलिस कर्मचारी काजी मंडी से खुद के सेवन के लिए स्मैक लेकर जाते हैं।



जनता की कमाई से नशा खरीदते लुटेरे



शहर में नशे का कारोबार चरम पर है। नशे के कारण रोजाना नए-नए अपराधी जन्म ले रहे हैं, वहीं लूट और चोरी की वारदातों में भी इजाफा हो रहा है। दैनिक भास्कर ने अपने स्तर पर तथ्य जुटाए तो खुलासा हुआ कि कि सरेराह लोगों को लूटने वाले ही ज्यादातर नशा खरीदते हैं। इनमें कुछ तो अमीर घराने से भी जुड़े हैं। नशा खरीदने को लेकर अगर उनके पास पैसा न हो तो वह लुटे हुए सोने के जेवर या मोबाइल फोन तस्कर को थमा कर चले जाते हैं।

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