सेवा पानी दीजिए, आवासीय भत्ता लीजिए!
जालंधर. सरकार द्वारा पे स्केल को रिवाइज करने के बाद लागू नए पे स्केल के हिसाब से सरकारी डाक्टरों को नॉन प्रैक्टिस, हाऊस रैंट और एकेडमिक भत्ते नहीं मिल रहे हैं। इसके लिए डाक्टरों से आवासीय भत्ता दिलाने के नाम पर ‘सेवा-पानी’ मांगा जा रहा है। नए पे स्केल के हिसाब से डाक्टरों को 20 प्रतिशत के साथ 5 फीसदी अतिरिक्त आवासीय भत्ता ंिमलना है, जिसके लिए डाक्टरों को आवासीय प्रमाण पत्र लगाना अनिवार्य है।
56 डाक्टर देंगे 500-500 रुपए : सिविल अस्पताल में तैनात 56 डाक्टरों से आवासीय भत्ते की फाइल क्लीयर करने के लिए 500-500 रुपए मांगे गए हैं। यह आरोप वे डाक्टर लगा रहे हैं, जो लगातार सिविल अस्पताल में सुधार के लिए काम कर रहे हैं। सूत्र बता रहे हैं कि सिविल अस्पताल के दो सीनियर डाक्टर ‘साहब’ के नाम से पैसा बटोरने में लगे हैं। कुछ डाक्टरों ने पैसा देने से मना कर दिया है, जिससे उनकी फाइलें अधर में है।
यह है नियम : नियमानुसार ए क्लास के शहरों में 3 किमी और बी क्लास के शहरों में 8 किमी के दायरे में रहने वाले डाक्टरों को 5 फीसदी अतिरिक्त आवासीय भत्ता मिलता है। जालंधर शहर बी क्लास में है, जिससे यहां 8 किमी के दायरे में रहने वाले डाक्टरों को ही आवासीय भत्ते का लाभ मिलेगा।
साहब को लीव की जरूरत नहीं : जिला मुख्यालय पर तैनात डाक्टरों की टीम को रात में मुख्यालय से 8 किमी के दायरे में रहना अनिवार्य है। अगर शहर से बाहर जाना है तो स्टेशन लीव लेना होता है, लेकिन आधा दर्जन डाक्टर बगैर स्टेशन लीव के शहर से बाहर अमृतसर और दूसरे जिले में जाते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री से शिकायत : स्वास्थ्य मंत्री लक्ष्मीकांता चावला से मामले की शिकायत की गई है। डाक्टरों ने कहा कि अस्पताल में अंधेरगर्दी है, डाक्टरों के साथ मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। सिविल अस्पताल में तैनात डाक्टरों से नए पे स्केल के हिसाब से बनते 5 फीसदी आवासीय भत्ता देने के एवज में ‘सेवा पानी’ मांगा जा रहा है। अस्पताल के दो सीनियर डाक्टर ‘उगाही’ में लगाए गए हैं, जो पैसा बटोर कर ‘साहब’ तक पहुंचाएंगे।
लिखित में शिकायत दें
जिस किसी डाक्टर से आवासीय भत्ते लगाने के नाम पर 500 रुपए मांगे जा रहे हैं, लिखित में शिकायत दें, कार्रवाई की जाएगी। 3 किमी के दायरे में रहने वाले डाक्टरों को ही आवासीय भत्ता दिया जाएगा, आवास का प्रमाण पत्र लगाना अनिवार्य है। - डॉ. अशोक नैय्यर, मैडीकल सुपरिंटैंडैंट, सिविल अस्पताल











