निगम के प्लान ‘मुफ्त’ में पास नहीं
चंडीगढ़. आर्किटेक्चर विभाग अब नगर निगम की परियोजनाओं के प्लान मुफ्त में पास नहीं करेगा। विभाग ने परियोजना की लागत का तीन फीसदी बतौर फीस लेने का फैसला किया है। हालांकि नगर निगम इतनी फीस अदा करने को फिलहाल तैयार नहीं है। फीस घटाकर एक फीसदी करने के लिए निगम अधिकारियों ने वित्त सचिव को पत्र लिखा है।
50 करोड़ की परियोजनाएं
इस साल नगर निगम की बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। और करीब 50 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के प्लान मंजूरी के लिए आर्किटेक्चर विभाग के पास हैं। इनके लिए विभाग ने निगम को 3 फीसदी के हिसाब से फीस जमा कराने के लिए कहा है।
ऑडिट में आपत्ति के बाद किया फैसला
चीफ आर्किटेक्ट ने निगम की परियोजनाओं पर फीस लगाने का फैसला ऑडिट में आपत्ति के बाद लिया है। ऑडिट में सवाल उठा था कि निगम से फीस क्यों नहीं ली जाती। जबकि, एक विभाग दूसरे से काम कराने के एवज में पैसा लेता है।
प्रशासक के सलाहकार के साथ उठाया मुद्दा
निगम अधिकारियों ने यह मुद्दा कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक में प्रशासक के सलाहकार के समक्ष उठाया और परियोजनाओं के लिए फीस तीन फीसदी की बजाय एक फीसदी करने की मांग की।
इस संबंध में चीफ इंजीनियर एस.के. बंसल का कहना है कि परियोजनाओं की फीस एक फीसदी रखने के संबंध में वित्त सचिव को भी पत्र लिखा गया है, लेकिन अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं हुआ है।










