आरएमपी डॉक्टरों की डिग्रियों की जांच
चंडीगढ़. पंजाब के स्वास्थ्य विभाग ने आरएमपी डॉक्टरों की डिग्री और उनकी योग्यता की जांच के आदेश दिए हैं। राज्य सरकार के पास अभी तक ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है जिससे पता चल सके कि पंजाब में कितने आरएमपी डॉक्टर काम कर रहे हैं। सरकार ने ये आदेश पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश के बाद दिए हैं।
विभाग ने सभी जिलों में डीसी, सीएमओ और एसएमओ पर आधारित कमेटियों का गठन किया है जो गांवों व शहरों में काम करने वाले आरएमपी डॉक्टरों की पहचान करेगी। ऐसी शिकायतें हैं कि गांवों में जाली डिग्रियों पर कई लोग प्रेक्टिस कर रहे हैं। दरअसल प्रेक्टिस के नाम पर यह लोग युवाओं में नशे को बढ़ावा दे रहे हैं। इसके अलावा एक ही सुई से कई लोगों को इंजेक्शन लगाकर एड्स व हेपेटाइटिस-सी जैसे रोगों को भी बढ़ा रहे हैं।
आरएमपी डॉक्टर के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर हुई है। इससे पहले विभाग के पास भी कई शिकायतें आ चुकी हैं जिनमें कहा गया कि मान्यता प्राप्त संस्थानों से डिग्री लेने के बजाय आरएमपी डॉक्टर गैरमान्यता प्राप्त संस्थानों की डिग्रियांे के दम पर अपना धंधा चला रहे हैं। कई डॉक्टरों के पास तो कोई डिग्री ही नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव सतीश चंद्रा ने सेल्फ स्टाइल्ड आरएमपी डॉक्टर की रजिस्ट्रेशन व योग्यता की जांच कराने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि ऐसा हाईकोर्ट के निर्देश पर किया गया है। सभी जिलों के डीसी,सीएमओ और एसएमओ हर महीने अपनी रिपोर्ट भेजेंगे जिसे हाईकोर्ट में सबमिट करवाया जाएगा।










