घट रही पक्षियों की संख्या पर सरकार हुई सख्त
चंडीगढ़. पंजाब में पक्षियों के संरक्षण के लिए राज्य सरकार विशेष कदम उठाने जा रही है। पक्षियों को नुकसान पहुंचाने वालों के लिए सजा का प्रावधान किया जा रहा है। प्रदेश सरकार चिड़िया, तितर और जगली मुर्गो की कम हो रही संख्या से चिंतित है, इसके चलते ही सरकार सख्त कदम उठाने को मजबूर हुई है।
खेतों में धान के नाड़ व पराली जलानों वालों की खैर नहीं होगी। वन विभाग ने ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश जारी कर दिए हैं। खेतों के आसपास किसी पक्षी की आग लगने मौत हो जाती हैं तो संबंधित दोषी को जुर्माने के साथ तीन साल तक की कैद हो सकती है। वन विभाग के चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन ने अधिकारियों को वाइल्ड लाइफ एक्ट 1972 को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
वाइल्ड लाइफ एक्ट 1972 में यह व्यवस्था है कि कोई व्यक्ति खेतों में पराली या नाड़ को आग लगाता है तथा उसके खेतों में दाना चुगने के लिए आए जीव जंतु आग का शिकार हो जाते हैं तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। इस एक्ट के तहत आरोप साबित हो जाएं तो संबंधित व्यक्ति को खिलाफ तीन साल तक की कैद व 25000 रुपए तक जुर्माना हो सकता है।
जंगली वनस्पति व पशु पक्षियों को आग से बचाने के लिए यह आदेश जारी किए गए हैं। अगर राज्य में कहीं भी आग से पक्षियों का नुकसान होने का समाचार मिला तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आर. के. लूना चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन, पंजाब।










