मैदान में यूथ बिग्रेड
जोधपुर. जोधपुर के मतदाताओं ने युवाओं पर मेहरबानी दिखा दी तो इस बार का नगर निगम बोर्ड बदला-बदला सा नजर आएगा। चुनाव में सौ से ज्यादा ऐसे उम्मीदवार मैदान में है, जिनकी उम्र 35 और इससे कम हैं। भाजपा एवं कांग्रेस ने युवाओं को टिकट बांटने में ज्यादा दरियादिली नहीं दिखाई, लेकिन पचास से ज्यादा युवा बतौर निर्दलीय भाग्य आजमा रहे हैं।
महिलाओं को पचास फीसदी आरक्षण मिलने से भी नगर निगम में पचास फीसदी पार्षद चुनकर जाएंगी। आरक्षित वार्डो के अतिरिक्त सामान्य वार्डो में भी कई युवतियां एवं महिलाएं चुनाव मैदान में डंटी हुई है और इससे चुनाव और भी रोचक हो गया है। राज्य में बीते कई सालों से छात्र संघ चुनाव नहीं होने से छात्र राजनीति में एक तरह से ठहराव सा आ गया था, लेकिन निगम चुनाव ने जिस तरह से युवाओं ने भागीदारी दिखाई है उससे माहौल देखते ही बन रहा है।
युवा प्रत्याशी की हम उम्र टोली निकलती है तो नजारा छात्रसंघ चुनाव से कम नजर नहीं आता।कांग्रेस—भाजपा ने दोनों ही दलों ने इस बार युवाओं को ज्यादा से ज्यादा टिकट देने का वादा किया था। कांग्रेस के एक प्रत्याशी का पर्चा खारिज हो गया था और इस कारण पार्टी 64 वार्डो में ही रह गई।
पार्टी ने 24 वार्डो में युवाओं उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है। इनमें 16 वार्डो में महिलाएं शामिल हैं। उधर, भाजपा ने 65 वार्डो में 25 युवाओं को टिकट दिया, जिनमें 15 वार्डो में महिला उम्मीदवार है। उधर, पचास से ज्यादा युवा बतौर निर्दलीय एवं अन्य पार्टियों से चुनाव लड़ रहे है।उधर, दोनों ही पार्टियों का दावा है कि बीते चुनावों के मुकाबले युवाओं को टिकट देने में कहीं ज्यादा उदारता बरती गई हैं।
यूथ के साथ अनुभवी लोगों को भी मौका दिया गया है। ताकि सामजंस्य बना रहे। रोचक तथ्य यह हैं कि 65 वार्डो में 17 प्रत्याशी ऐसे भी हैं, जिनकी उम्र साठ से सत्तर साल के बीच है। कांग्रेस एवं भाजपा ने भी बुजुर्गो को उम्मीदवार बनाया है।










