Monday, November 16, 2009 04:09 [IST]  

danik bhaskarलापरवाही की भेंट चढ़े 8 लाख

अजय तिवारी

रतलाम. जिले में हरियाली फैले और मजदूरों को रोजगार मिले इसके लिए राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत जिले के सभी ब्लॉकों में पौधारोपण किया गया था, परंतु इस अभियान का जब वन विभाग ने निरीक्षण किया तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।




पौधारोपण के संबंध में वन विभाग द्वारा जिला पंचायत को सौंपी रिपोर्ट में जिले में १५ से २क् फीसदी पौधे पनपने की बात सामने आई है। अब जिला पंचायत इस मामले में जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।



नरेगा के तहत विभिन्न गांवों और उसके आस-पास पौधे लगाए गए थे। इसका निरीक्षण कर वन विभाग ने जिला पंचायत को इसकी रिपोर्ट सौंपी है। वन विभाग द्वारा सौंपी गई रतलाम ब्लॉक की निरीक्षण रिपोर्ट में कुछ गांवों में दो से पांच फीसदी पौधे ही जीवित मिले हैं।



इनमें जड़वासाकलां में २७क् में से ११, सनावदा में २क्क् में से ३१ पौधे एवं बाजेड़ा में ६५क् में से एक भी पौधा जीवित नहीं बचा है। साथ ही प्रीतमनगर, धौंसवास, बड़ौदा तथा पलास में १२ से १५ प्रतिशत पौधे ही जीवित मिले हैं। ताल ब्लॉक के नंदन फलोद्यान में भी निरीक्षण दल को एक भी पौधा जीवित नहीं मिला। अभी जिला पंचायत को वन विभाग से अन्य ब्लॉकों की रिपोर्ट प्राप्त होना बाकी है।



एक हकीकत यह भी
जिले में ब्लॉक स्तर पर रोजगार गारंटी योजना के तहत पौधारोपण किया है। जांच रिपोर्ट में जावरा ब्लॉक के ग्राम रोजाना और अरजला ऐसे गांव भी है जहां पर पौधारोपण के ८क् फीसदी परिणाम आए हैं जबकि जिले के कई ब्लॉकों में कहीं ६क् फीसदी तो कहीं ४क् एवं २क् प्रतिशत पौधे ही जीवित हैं। कुछ गांवों में तो इस मामले में भ्रष्टाचार कर हजारों पौधे लगाए किंतु एक भी पौधा जीवित नहीं मिला।

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