Monday, November 16, 2009 04:45 [IST]  

danik bhaskarतमनार में जारी है आर्थिक नाकेबंदी

भास्कर न्यूज

रायगढ़. तमनार में बैठक में शनिवार को तमाम मुद्दों पर विचार करने के बाद भी ग्रामीणों की समस्या का समाधान नहीं होने से उनका आंदोलन जारी है। क्षेत्रीय विधायक हृदयराम राठिया भी ग्रामीणों के समर्थन में सामने आ गए हैं। वकीलों व शिक्षा कर्मियों से हुए सुरक्षा कर्मियों द्वारा की गई मारपीट का मामला 4 आरोपियों के गिरफ्तार होने के बाद भी थमने का नाम नहीं ले रहा है।



फरार पांचवां सुरक्षाकर्मी बलबीर सिंह की गिरफ्तारी और बाहरी सुरक्षाकर्मियों के हटाए जाने की मांग पर अड़े ग्रामीणों का आर्थिक नाकेबंदी लगातार जारी है। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगे स्वीकार नहीं की जाती वे आर्थिक नाकेबंदी जारी रखेंगे और उद्योग प्रबंधन के द्वारा किए जा रहे परिवहन पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी।



बाहरी लोगों को उद्योग में नौकरी देने और उनके द्वारा क्षेत्र में लगातार दादागिरी करते हुए दहशत का माहौल बनाने का आरोप लगाकर प्रदर्शनकारियों ने अपने विरोध को जायज बताया है। उनका कहना है कि न केवल मांग को पूरा करना बल्कि क्षेत्र में उपस्थित बाहरी तत्वों को हटाए जाने के बाद ही उनका विरोध-प्रदर्शन बंद होगा।



शर्मनाक है घटना



इस घटना को शर्मनाक बताते हुए प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जिले में बढ़ते अपराधिक गतिविधियों के प्रभावी रोकथाम के लिए बाहरी प्रदेशों से आए लोगों को चि¨हत करना चाहिए। लेकिन, इस ओर जिला व पुलिस प्रशासन द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। फलस्वरूप अपराधों में बढ़ोत्तरी होते जा रही है।



जिले मंे स्थापित उद्योगों में आपराधिक प्रवृत्ति के लोग काम कर रहे है। इसीलिए गत दिनों तमनार मंे यह घटना घटित हुई। ग्रामीणों का मानना है कि जिला व पुलिस प्रशासन अपराधों की रोकथाम व शांति व्यवस्था कायम रखने के अपने दायित्व के प्रति सचेत है तो उसे बाहरी व्यक्तियों के उद्योगांे में नियोजित होने के पूर्व स्थानीय पुलिस से नेक चाल-चलन संबंधी रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य करना चाहिए तथा बाहरी व्यक्तियों को चिन्हत करना चाहिए। यदि पुलिस इस पर ध्यान देती है तो भविष्य मंे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी।



करोड़ों का उत्पादन ठप



हालांकि इस आर्थिक नाकेबंदी से जेपीएल प्रबंधन ने किसी प्रकार की नुकसान की बात नहीं स्वीकारी है। लेकिन, निक्को जायसवाल व मोनेट कोलमाईंस के अधिकारियों की मानें तो इस आर्थिक नाकेबंदी से उनके खदानों से उत्पादन कार्य पूरी तरह ठप हो गया है। जिससे कंपनियों को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। लंबे समय तक नाकेबंदी के चलने की स्थिति में हालात और भी बिगड़ने की बात कही जा रही है।

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