Monday, November 16, 2009 05:14 [IST]  

danik bhaskarठंड में गर्मी का एहसास

भास्कर न्यूज

rरायगढ़. मानसून की मार झेल रहे वर्ष 09 में अब मौसम की अनियमितता का प्रभाव भी साफ दिखाई देने लगा है। जहां दिनों-दिन उद्योगनगरी का तापमान बढ़ रहा है। वहीं अक्टूबर-नवंबर (ठंड) के महीनों में भी लोग उमस व गर्मी से परेशान हैं। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष सिस्टम सही नहीं बन पाने के कारण लोग शीत ऋतु में ग्रीष्म का माहौल महसूस कर रहे हैं।



वहीं अरब सागर से हवा नमी लेकर बह रही है। जिसकी दिशा दक्षिण-पश्चिम है और इसी कारण बादल आसमान में बने हुए हैं। वर्तमान में जिले का तपमान 20 डिग्री है जिसे ठंड के दिनों में 15 तक होनी चाहिए। राजापारा निवासी एमआर सत्येंद्र सिंह का कहना है कि गर्मी के चलते फील्ड वर्क में काफी दिक्कत आ रही है। वहीं दिन-भर काम कर रात को घर लौटने पर भी उमस के कारण नींद पूरी नहीं होती।



रविवार को सब्जी मार्केट में तरकारी लेती शांति देवी की मानें तो आज-कल मौसम का कोई भरोसा नहीं रहा, ठंड के दिनो में जहां बच्चों के लिए स्वेटर व रजाईयां खरीदीं थीं। वहीं गर्मी व उमस के अचानक बढ़ जाने से मौसमी बीमारियों की आशंका बढ़ गई है। गौरतलब हो कि वर्ष 09 में जिले में मानसून काफी विलंब से आया। जून की वर्षा जुलाई अंत में हुई।



भू-अभिलेश शाखा के आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि विगत 10 सालों की औसत वर्षा के मुकाबले इस साल की बारिश 10 से 15 फीसदी पिछड़ गई। बहरहाल जहां समूचा प्रदेश सहित देश अकाल की छाया से घिरा हुआ था। वहीं जिला लैंड रिपोर्ट में भी बार्डर क्षेत्रों में सूखे की स्थिति की संभावना व्यक्त की गई थी। लेकिन इसके नकारात्मक प्रभाव क्षेत्रीय कृषकों सहित खरीफ व रबि दोनों फसलों पर पड़े ।



कृषि विभाग के मुताबिक वर्षा में कमी के चलते जिले में खरीफ के करीब 10 प्रतिशत तक कम होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। वहीं जलाशयों में भी पानी कम होने के कारण रबि की फसल में आंशिक रूप से प्रभाव पड़ता दिखाई दे रहा है।

  share
apne vichaar
post a comment
name:
email:
select your language:     Hindi Roman     Hindi Phonetic     English
comment:
code: