अब बचेगा राशन
दुर्ग. अपात्र लोगों का कार्ड निरस्त किए जाने से दिसंबर में एक लाख 87 हजार 476 किलो (1874.60 क्विंटल) खाद्यान्न की बचत होगी। खाद्य विभाग द्वारा अब तक करीब 29 हजार लोगों के गरीबी रेखा वाले राशन कार्ड निरस्त किए जा चुके हैं।
अपात्रों का नाम कंप्यूटर से डिलिट किया जा चुका है।
खाद्य विभाग द्वारा नवंबर के लिए एक करोड़ 59 लाख 28 हजार 783 किलो (159287.83 क्विंटल) खाद्यान्न की डिमांड की गई थी। दिसंबर में डिमांड घटकर एक करोड़ 57 लाख 41 हजार 212 किलो (157412.11 क्विंटल) हो गई है। खाद्यान्न में चावल, गेहूं, शक्कर व अमृत नमक शामिल हैं। खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दिसंबर के लिए खाद्यान्न की डिमांड नागरिक आपूर्ति निगम को भेज दी गई है।
उठाव भी जल्द शुरू हो जाएगा। नान के प्रबंधक प्रदीप सक्सेना का कहना है कि डिमांड के मुताबिक खाद्यान्न प्रदाय किया जा रहा है। खाद्यान्न का स्टाक पर्याप्त है। यदि प्रति व्यक्ति डाइट औसतन 500 ग्राम मान लिया जाए तो दिसंबर में बचने वाले खाद्यान्न 3 लाख 74 हजार 992 लोगों का एक टाइम का भोजन हो सकता है। फूड कंट्रोलर विश्वनाथ नेताम का कहना है कि अपात्र लोगों के राशन कार्ड को निरस्त करने की प्रक्रिया जारी है। कई अपात्र लोग खुद अपना राशन कार्ड जमा कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अभी कम से कम 10 हजार से ऊपर राशन कार्ड और निरस्त हो सकते हैं। वार्डवार जांच के बाद निरस्त करने का काम किया जा रहा है। निरस्त राशन कार्डो में अपात्रों के कार्ड तो शामिल है ही पात्र व्यक्ति के नाम पर एक से अधिक बने राशन कार्ड भी शामिल हैं। शासन के नियमों के तहत पात्र हितग्राहियों को एक ही राशन कार्ड मान्य होगा।










