Monday, November 16, 2009 06:20 [IST]  

danik bhaskarमेयो की 10 छात्राएं पॉजिटिव

भास्कर न्यूज

अजमेर. मेयो गल्र्स कॉलेज की दस छात्राएं स्वाइन फ्लू पॉजीटिव पाई गई हैं। जिले में पहली बार एक ही जगह इतनी संख्या में केस आने पर जिला प्रशासन और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। महकमे की उच्चस्तरीय टीम ने कॉलेज पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। चिकित्सकों ने पॉजीटिव छात्राओं और अन्य छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया। सोमवार को भी महकमे की टीम मौके पर पहुंच कर कांटेक्ट में आई छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण करेगी।



कॉलेज की 10 छात्राओं को सर्दी, जुकाम और बुखार होने पर 12 नवंबर को कॉलेज स्थित अस्पताल के चिकित्सक डॉ. दीपक सोगानी की निगरानी में स्वाब व कल्चर के नमूने लिए गए। इन्हें जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा अधिकृत प्राइवेट डॉ. लाल पैथ लैब को जांच के लिए भेजे गए। इनकी रविवार को रिपोर्ट प्राप्त हुई। सभी छात्राओं की रिपोर्ट पॉजीटिव प्राप्त हुई है। ये छात्राएं दस से बारह वर्ष की आयु की बताई गई हैं।



मामले की जानकारी सीएएमचओ डॉ. बीएल फानण को मिलने पर उन्होंने कोर कमेटी के सदस्य संयुक्त निदेशक डॉ. वीके माथुर, जेएलएन अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एलके नेपालिया और जेएलएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पीके सारस्वत को सूचित किया। शाम को कलेक्टर राजेश यादव की अध्यक्षता में आपात बैठक बुलाई गई। इसमें कोर कमेटी के सदस्यों के अतिरिक्त कॉलेज की प्राचार्य डॉ. जमीला सिंह और अन्य चिकित्सा अधिकारियों ने स्थिति की समीक्षा की।



छह चिकित्सक बुलाए सीएमएचओ डॉ. फानण ने सैटेलाइट अस्पताल के प्रभारी डॉ. अजयसिंह राठौड़, डॉ. सुधीर खन्ना, डॉ. सलिल माहेश्वरी, नसीराबाद अस्पताल से डॉ. जगदीश माहेश्वरी, डॉ. प्रदीप माथुर और रंजन रॉय को तुरंत बुला कर छह सदस्यीय टीम का गठन किया।



उच्चस्तरीय टीम पहुंची मौके पर बैठक के बाद संयुक्त निदेशक डॉ. वीके माथुर और सीएमएचओ डॉ. फानण की अगुवाई में छह सदस्यीय चिकित्सक टीम के साथ कॉलेज पहुंचे। स्वाइन फ्लू की शिकार छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। परिसर स्थित अस्पताल में सुविधाओं का जायजा लिया गया। डॉ. माथुर ने बताया कि अस्पताल में 15 बैड हैं और आइसोलेशन की पूरी सुविधा है। इन सभी छात्राओं को अलग शिफ्ट कर दिया गया है।



आंकड़ा पहुंचा 33 पहुंचा जिले में इन्हें मिला कर अब स्वाइन फ्लू रोगियों का आंकड़ा 33 तक पहुंच गया है। इनमें से पॉजीटिव रोगियों का आंकड़ा 14 है।



छात्राएं ठीक हैं —सभी छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर लिया गया है। सभी ठीक हैं। सोमवार सुबह 9 बजे टीम वहां जाएगी। स्कूल की सभी 751 छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। टेमी फ्लू की कमी नहीं आने दी जाएगी।
डॉ. वीके माथुर, संयुक्त निदेशक



जर्मनी के छात्रों ने किया था प्रवास



कुछ समय पूर्व मेयो कॉलेज में जर्मनी से आए स्कूली छात्रों के दल ने यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी थी। इनमें से बाद में एकाध छात्र की जयपुर में रिपोर्ट स्वाइन फ्लू पॉजीटिव आई थी। माना जा रहा है कि उनके कांटेक्ट में ही आने से कॉलेज में यह बीमारी फैली है।



10 हजार टेबलेट पहुंची डॉ. माथुर ने बताया कि संभाग के लिए 10 हजार टेमी फ्लू की टेबलेट मंगा ली गई हैं। इनमें से 5.5 हजार टेबलेट अजमेर में, टोंक, भीलवाड़ा और नागौर प्रत्येक में डेढ़—डेढ़ हजार टेबलेट भेजी गई हैं। संभाग के लिए 200 बोतल सीरप भी उपलब्ध हैं। इनमें से 110 अजमेर को, टोंक, भीलवाड़ा और नागौर प्रत्येक को 30—30 बोतल भेजी गई हैं।




7 और संदिग्ध निगरानी में जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध रोगियों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। रविवार को 7 संदिग्ध रोगियों को टेमी फ्लू देकर निगरानी में रखा गया है। इनके स्वाब व कल्चर के नमूने नहीं लिए गए हैं।



जेएलएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पीके सारस्वत के पास पहुंची रिपोर्ट के मुताबिक संदिग्ध स्वाइन फ्लू की बी—वन कैटेगरी में 5 और बी—टू कैटेगरी में 2 मरीजों को रखा गया है। इन मरीजों को टेमीफ्लू दी गई है। उन्हें 48 घंटे की निगरानी में घर पर ही रखा गया है। इन्हें भर्ती नहीं किया गया है।



अस्पताल में हल्के बुखार एवं गले में खराश, बदन दर्द और सिर दर्द व उल्टी दस्त वाले 14 मरीज और पहुंचे। इन्हें संदिग्ध स्वाइन फ्लू—ए कैटेगरी में रखा गया है। इन्हें टेमी फ्लू नहीं दी गई है। डॉ. सारस्वत ने बताया कि बी—कैटेगरी के संदिग्ध स्वाइन फ्लू रोगियों में ए कैटेगरी के लक्षणों के साथ ही अत्यधिक तेज बुखार, गले में अत्यधिक संक्रमण होता है।



ऐसे मरीजों को टेमी फ्लू दी जाती है। सी—कैटेगरी के रोगियों में पहली दो कैटेगरियों के लक्षणों के साथ ही सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, कमजोरी, रक्तचाप में कमी, बलगम में खून आना आदि हो सकते हैं। इन मरीजों के सैंपल लिए जाते हैं। आज ऐसा कोई मरीज नहीं आया और न ही किसी को भर्ती किया गया। अस्पताल में पहले से भर्ती दोनों संदिग्ध रोगी भी उपचार के बाद सही हालत में हैं।



सभी सीएचसी पर टेमी फ्लू उपलब्ध सीएमएचओ डॉ. बीएल फानण ने बताया कि जिले की सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टेमी फ्लू की टेबलेट उपलब्ध कराई है। यदि आवश्यकता हुई तो टैबलेट और उपलब्ध कराई जाएगी।



कुंदन नगर में सर्वे चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महकमे ने कुंदन नगर क्षेत्र में रविवार को सर्वे कराया। यहां का एक मरीज संदिग्ध स्वाइन फ्लू रोगी था। सर्वे के दौरान 14 लोग बुखार केमिले हैं। इनकी ब्लड स्लाइड लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजी गई है।

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