इस्कॉन को नोटिस
उज्जैन. जिला पंचायत विभाग ने इस्कॉन फूड रिलीफ फाउंडेशन प्रबंधन को नोटिस जारी कर कहा है कि सरकारी स्कूलों में मध्याह्न् भोजन की सप्लाई के लिए बनाई गई भोजनशाला और डिलेवरी वाहनों पर शासन से प्राप्त संसाधनों द्वारा संचालित योजना लिखवाओ।
राज्य सरकार की योजना के तहत शहर के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में तैयार मध्याह्न् भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी इस्कॉन के फूड रिलीफ फाउंडेशन को दी गई है। इसके लिए जिला पंचायत विभाग की मार्फत फाउंडेशन को निर्धारित राशि उपलब्ध कराई जा रही है। इसके बाद भी इस्कॉन की देवासरोड स्थित भोजनशाला में इस बात का कहीं जिक्र नहीं है कि यह राज्य शासन से प्राप्त राशि से हो रहा है।
ऐसा न होने से देश-विदेश से आने वाले इस्कॉन के अनुयायियों में इस बात का संदेश जा रहा है कि इस्कॉन अपने खर्चे से गरीब बच्चों के लिए भोजन उपलब्ध करा रहा है। सूत्रों के मुताबिक इस बात को जिला पंचायत विभाग ने गंभीरता से लिया है।
पूर्व में इसको लेकर निर्देश जारी किए जा चुके हैं लेकिन फाउंडेशन ने अब तक इसका क्रियान्वयन नहीं किया। इसके चलते सीईओ मुकेश शुक्ल ने फाउंडेशन को नोटिस दिया है। नोटिस में हिदायत दी गई है कि भोजनशाला और डिलेवरी वाहनों पर खासतौर से यह लिखा जाए- ‘शासन से प्राप्त संसाधनों द्वारा संचालित।’
खाना पहुंचाने के लिए अतिरिक्त राशि: सूत्रों के मुताबिक इस्कॉन को प्राथमिक स्कूल में प्रतिदिन प्रति छात्र २ रुपए ८ पैसे और माध्यमिक स्कूल में प्रतिदिन प्रति छात्र २ रुपए ६क् पैसे के मान से राशि उपलब्ध कराई जा रही है।
इसके अलावा प्रतिदिन प्रति छात्र के मान से १४ पैसे खाना स्कूल तक पहुंचाने के लिए राशि दी जा रही है। इसके अलावा प्राथमिक स्कूल के बच्चों के लिए प्रतिदिन प्रति छात्र १क्क् ग्राम व माध्यमिक के बच्चों के लिए प्रतिदिन प्रति छात्र १५क् ग्राम के मान से खाद्यान्न नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। इस्कॉन को खाद्यान्न में चावल भी दिए जा रहे हैं।
इस्कॉन तैयार नहीं: सूत्रों के मुताबिक इस्कॉन भोजनशाला पर यह निर्देश (शासन से प्राप्त संसाधनों से संचालित योजना) लिखने को तैयार नहीं है। इसके पीछे वजह यह बताई जा रही है कि भोजनशाला इस्कॉन ने खुद के खर्च से तैयार कराई है।
पूर्व में निर्देश दिए थे इस्कॉन को पहले ही निर्देश दे दिए थे कि वे भोजनशाला और डिलेवरी वाहनों पर शासन की सहायता से संचालित योजना लिखवाएं लेकिन अभी तक इस पर अमल नहीं हुआ है।
कीनल त्रिपाठी प्रभारी मध्याह्न् भोजन प्रकोष्ठ जिला पंचायत लेटरहेड पर लिखते हैं ञ्चफाउंडेशन द्वारा योजना के तहत जो पत्राचार किया जाता है, उन पर शासन की योजना का जिक्र रहता है। भोजनशाला तो इस्कॉन ने अपने खर्च से तैयार कराई है। बहरहाल जिला पंचायत का नोटिस मिला नहीं है, मिलने के बाद देखेंगे क्या करना है।
संदीप गुप्ता, प्रभारी इस्कॉन रिलीफ फाउंडेशन










