यूरिया का रैक आते ही गायब
उज्जैन. मावठे की बारिश के बाद यूरिया की मांग बढ़ी है लेकिन यूरिया नहीं मिल रहा है। सोसायटियों से लेकर मंडी के शासकीय केंद्रों पर यूरिया खत्म हो गया है। खाद के लिए भटक रहे कास्तकारों को कोरे आश्वासन दिए जा रहे हैं।
किसानों की मानें तो जिन सोसायटियों में यूरिया पहुंच रहा है वहां या तो रसूखदारों को दिया जा रहा है या फिर कालाबाजारी हो रही है। इसी से गुस्साए किसानों ने रविवार को नलवा सोसायटी के बाहर प्रदर्शन किया। किसानों के अनुसार सोसायटी के पदाधिकारी उन्हें यूरिया के लिए होल-हवाला दे रहे हैं।
इसलिए बिफरे किसान
नलवा सोसायटी में यूरिया आया और गुपचुप तरीके से बड़े किसानों को दे दिया गया। किसान जब सोसायटी पहुंचे तो यूरिया खत्म हो गया था। किसानों ने सोसायटी पदाधिकारी और संचालकों पर कालाबाजारी का आरोप लगाया। इस संबंध में अवंतिका किसान परिषद के पदाधिकारियों ने अध्यक्ष राजेंद्र वशिष्ठ के नेतृत्व में कोठी पैलेस पहुंचकर रविवार को बरसते पानी में एसडीएम नरेंद्र सूर्यवंशी को ज्ञापन सौंपा।
जरूरत यूरिया की, आया 12:32:16
किसानों के अनुसार गेहूं की फसल के लिए यूरिया की आवश्यकता है। रविवार को इफको का रैक तो आया लेकिन वह यूरिया नहीं १२:३२:१६ था। उल्लेखनीय है कि एक माह पूर्व किसानों को १२:३२:१६ की आवश्यकता थी उस समय मंडी में यह खाद उपलब्ध नहीं था। अब जबकि यूरिया की आवश्यकता है किसानों को भटकना पड़ रहा है।










