बच्चों का नंबर कब आएगा
झुंझुनूं. कोई एक-दो नहीं बल्कि जिले के कई स्कूलों के हालात यही हैं। भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि विभिन्न स्कूलों में कल्प योजना के तहत कंप्यूटर लगाए गए थे, जिन्हें कुछ समय का हवाला देते हुए या तो डीईओ एलीमेंट्री ऑफिस में, या फिर बीईईओ-बीआरसीएफ ऑफिसों में मंगवा लिया गया और अपने पास ही रख लिया।
करीब आधा दर्जन स्कूलों के संस्था प्रधानों से इस बारे में बात की तो पता चला कि अधिकारियों ने अपने पावर का इस्तेमाल करते हुए ये कंप्यूटर थोड़े से काम के लिए मांगे और फिर लौटाने का नाम नहीं लिया। वहीं दूसरी ओर इन कंप्यूटर के ना होने से बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है। इस बात से बेपरवाह अधिकारियों को कई बार संस्था प्रधानों ने कंप्यूटर लौटाने को भी कहा बताया, लेकिन ‘लौटा देंगे’ के अलावा कोई जवाब नहीं मिला।
कहां गए विभागीय कंप्यूटर
सूत्रों के अनुसार आईटी एनेबलमेंट परियोजना के तहत शिक्षा विभाग के सभी कार्यालयों जिसमें बीईईओ व बीआरसीएफ कार्यालय भी शामिल है। इनको कंप्यूटर मय प्रिंटर उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन जिस तरह से स्कूलों के कंप्यूटर काम में लिए जा रहे हैं। यह सवाल भी खड़ा हो गया है कि तो फिर इन कार्यालयों के कंप्यूटर कहां गए।
हमारे कार्यालय में दो कंप्यूटर लगे हुए हैं। किसी भी स्कूल वालों ने हमें नहीं बताया कि इन कंप्यूटरों के ना होने के कारण उन्हें समस्या हो रही है। नहीं तो हम भिजवा देते। अभी भी कोई समस्या है तो हम वापस भेज देंगे और कोई अन्य व्यवस्था करेंगे। आईटी एनेबलमेंट परियोजना के कंप्यूटर तो डीईओ सैकंडरी को मिलते हैं।
अजरुनलाल वर्मा, डीईओ एलीमेंट्री, झुंझुनूं
स्कूलों के भौतिक सत्यापन के दौरान मामले सामने आए थे। उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। ये सारे कंप्यूटर बिना एसएसए कार्यालय को बगैर सूचना के दिए गए है। जो गलत है। सभी संस्था प्रधानों को संबंधित कार्यालय में चिट्ठी लिखकर कंप्यूटर वापस मांगने के लिए कहा गया है।
हरिसिंह ताखर, कार्यक्रम सहायक, एसएसए, झुंझुनूं










