स्वाइन फ्लू : पांच माह के बच्चे की मौत
सीकर/नवलगढ़. स्वाइन फ्लू से जयपुर में उपचाराधीन नवलगढ़ तहसील के खोजास गांव के निकट मिठारवालों की ढाणी के पांच महीने के बच्चे की मौत हो गई। स्वाइन फ्लू से मरने वालों में यह शेखावाटी का पहला और प्रदेश में अब तक हुई 23 मौतों में सबसे कम उम्र का मामला है। वहीं, रविवार को सीकर में पांच और पॉजिटिव केस पाए गए। शेखावाटी में स्वाइन फ्लू पॉजिटिव केसों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है।
जयपुर के संतोकबा दुर्लभजी अस्पताल के नोडल अधिकारी जीआर सिंघवी के अनुसार, दम तोड़ने वाला पांच माह काअंकित शुक्रवार को नवलगढ़ से रैफर होकर आया था। शुक्रवार को उसे दुर्लभजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जांच में उसे स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि हुई थी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. ओपी गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में स्वाइन फ्लू से अब तक हुई मौत में सांवरमल मिठारवाल का बेटा अंकित सबसे कम उम्र का है।
सीकर के सीएमएचओ डा. आरके मीणा ने बताया कि रविवार को पॉजिटिव पाए जाने वालों में मोदी स्कूल की छात्रा नीमकाथाना नगर पालिका चेयरमैन सुमित्रा मेघोतिया की भतीजी साक्षी अग्रवाल, जयपुर आईएमजी में पढ़ने वाली नीमकाथाना की छात्रा पूजा अग्रवाल पुत्री सत्यनारायण, नीमकाथाना मंडोली गांव का सुनील कुमार पुत्री रणबीरसिंह, फतेहपुर नयाबास निवासी शेखावाटी शिक्षण संस्थान का छात्र मुकेश कुमार पुत्र जगदीश कुमार और लक्ष्मणगढ़ का संदीप जोशी पुत्र नथमल जोशी हैं। पांचों पीड़ितों का घर पर ही उपचार चल रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने सर्वे कर पॉजिटिव पाए गए पांचों पीड़ितों की जांच की। पांचों को आइसोलेटेड रखा गया है। उनकी स्थिति सामान्य है। वहीं, चूरू के ऋषिकुल ब्रrाचर्याश्रम के तीन दर्जन से अधिक बच्चों को स्वाइन फ्लू की आशंका से आश्रम संचालकों व चिकित्सा अधिकारियों में हड़कंप मच गया। डॉक्टरों की टीम ने फिलहाल फ्लू की आशंका से इनकार किया है। आश्रम में 124 में से 41 बच्चे बीमार हैं जिनके लक्षण स्वाइन फ्लू से मिलते—जुलते हैं।
तीन बहनों पर इकलौता भाई
तीन लड़कियों के बाद मुश्किल के लड़का हुआ था। भगवान को शायद यह भी मंजूर ना था। अंकित के पिता सांवरमल व मां चावली देवी सदमे से उभर नहीं पा रहे हैं। उन्हें गांवों में बैठे झोला छाप डाक्टरों पर बिल्कुल भरोसा नहीं था। अंकित कभी थोड़ा सा बीमार होता तो वे सीधे सीकर लेकर जाते। बेटे के गम में चावली देवी बुरी तरह टूट चुकी है। हरारत महसूस होने पर उसका बसावा डाक्टर से इलाज कराया जा रहा है। अंकित के पिता पेशे से ट्रक ड्राइवर हैं, अक्सर बाहर रहते हैं।
10 दिन सीकर में हुआ इलाज
अंकित मौत से पहले 10 दिन से बीमार था। अंकित के ताऊ ताराचंद ने बताया कि मामूली सर्दी-जुकाम के चलते उसे पहले सीकर के निहित अस्पताल में दिखाया गया था। जहां डॉक्टरों ने उसके निमोनिया बताकर भर्ती कर लिया। जहां सात-आठ दिन उसका इलाज चला। इसके बाद डॉक्टरों ने बीमारी समझ से बाहर बताते हुए उसे जयपुर रेफर कर दिया। जयपुर के दुर्लभजी अस्पताल में दो दिन तक अंकित भर्ती रहा। शनिवार शाम 8.55 बजे उसकी मृत्यु हो गई। अंकित का इलाज करने वाले डॉक्टर्स के अनुसार परिजनों को बताया कि अंकित की मृत्यु स्वाइन फ्लू से हुई है। ताराचंद के मुताबिक ना तो कोई घर में इस तरह का कोई रोगी है, ना ही अंकित को इन दिनों बाहर ले जाया गया था।
टीम भेज दी है, निगरानी रखेंगे
अंकित की मौत जयपुर के संतोकबा दुर्लभजी अस्पताल में हुई है। एहतियात के तौर पर ढाणी में टीम भेज दी गई है, जो संक्रमण संबंधी रिपोर्ट तैयार करेगी। क्षेत्र में 15 दिन तक विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।
डॉ. आरबी सिंह, सीएमएचओ-झुंझुनूं










