अब पांच वर्षीय एमसीएच कोर्स
ग्वालियर. जीआर मेडिकल कालेज में न्यूरोसर्जरी ब्रांच का पांच वर्षीय सुपर स्पेशलिटी एमसीएच कोर्स शुरू होगा। इसके अलावा डीएनबी कोर्स भी कराया जाएगा। इस प्रस्ताव को मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। अब यह मामला कैबिनेट की बैठक में जाएगा। एमसीएच कोर्स शुरू करने वाला यह प्रदेश का पहला मेडिकल कालेज होगा।
जीआर मेडिकल कालेज के डा. भगवत सहाय न्यूरोसर्जरी अस्पताल को प्रदेश सरकार ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा दिया है। यहां अभी न्यूरोसर्जरी का सुपर स्पेशलिटी तीन वर्षीय मास्टर आफ चुर्जरी (एमसीएच) कोर्स चल रह रहा है। इस कोर्स में मास्टर ऑफ सर्जरी (एमएस) के पासआउट डाक्टरों को प्रवेश परीक्षा के जरिए मेरिट आधार पर प्रवेश दिया जाता है।
नया भवन बनेगा: न्यूरोसर्जरी अस्पताल के विस्तार के लिए ओल्ड किचन को तोड़कर उस स्थान पर नया भवन बनाएगा। इसके लिए नॉन प्लानिंग बजट से 3.20 करोड़ रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत कर दी गई है। नए भवन में चार आपरेशन थिएटर होंगे। इसके अलावा मरीजों के लिए सभी आधुनिक सुविधाएं व उपचार के लिए नए उपकरण भी होंगे।
राज्य शासन ने उपकरणों के लिए भी 2.86 करोड़ रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत कर दी है। डाक्टरों के अनुसार न्यूरोसर्जरी अस्पताल के उन्नयन के लिए राज्य शासन कुछ अतिरिक्त फंड भी स्वीकृत करने वाला है।
क्या है नया प्रस्ताव
न्यूरोसर्जरी विभाग के अध्यक्ष डा.एसएन अयंगर ने विभाग के उन्नयन का प्रस्ताव तैयार किया है। इस में पांच वर्षीय एमसीएच कोर्स का प्रस्ताव है। पांच वर्षीय एमसीएच कोर्स में एमबीबीएस पास डाक्टरों को प्रवेश परीक्षा के जरिये प्रवेश मिलेगा।
इसके अलावा डिप्लोमेट नेशनल बोर्ड (डीएनबी) न्यूरोसर्जरी कोर्स भी शुरू करने का प्रस्ताव है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री अनूप मिश्रा ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति ने भी सहमति प्रदान कर दी है।
17 डाक्टरों के पद स्वीकृत
न्यूरोसर्जरी अस्पताल की बिस्तर संख्या 40 से बढ़ाकर 100 की जा रही है। इसके लिए प्रोफेसर न्यूरोसर्जरी का एक, एसोसिएट प्रोफेसर व असिस्टेंट प्रोफेसर न्यूरोसर्जरी के दो-दो पद तथा सीनियर रेजीडेंट डाक्टर के छह व जूनियर रेजीडेंट डाक्टर के छह नए पद स्वीकृत करने पर भी मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति ने सहमति दे दी है।
स्वीकृत नए पदों पर भर्ती होने के बाद जीआर मेडिकल कालेज प्रशासन, मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) नए कोर्सो की अनुमति के लिए निरीक्षण कराएगा।










