स्वाइन फ्लू के लिए अलग आउटडोर बनाया
उदयपुर. एमबी अस्पताल में स्वाइन फ्लू के लिए अब अलग से आउटडोर स्थापित किया गया है, साथ ही आने वाले संदिग्ध रोगियों के लिए अलग से जांच कक्ष बना दिया गया है। स्वाइन फ्लू विभाग के प्रभारी डॉ. ओपी मीणा ने बताया कि स्वाइन फ्लू के संदिग्ध रोगियों को आइसोलेशन वार्ड में अलग से रखने के लिए टिटनेस वार्ड को स्वाइन फ्लू वार्ड बना दिया गया है, जबकि चर्म रोग विभाग में खाली पड़े कमरे में स्वाइन फ्लू के लिए आउटडोर बनाया गया है।
मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार
एमबी अस्पताल के स्वाइन फ्लू आइसोलेशन वार्ड में भर्ती छह संदिग्धों का नियमित रूप से परीक्षण किया जा रहा है। प्रभारी डॉ. मीणा ने बताया कि मरीजों का दिनभर नियमित रूप से शारीरिक परीक्षण किया जाता है। बताया गया कि वार्ड में चित्तौड़, राजसमंद, उदयपुर और कोटा के छह रोगी भर्ती हैं। इन रोगियों के स्वास्थ्य में नियमित रूप से सुधार हो रहा है।
अस्पताल परिसर से नहीं गुजरेंगे रोगी
स्वाइन फ्लू के संदिग्ध रोगियों के जांच नमूने लेने के लिए उन्हें एमबी अस्पताल के पास स्थित जांच कक्ष में जाना पड़ता था, लेकिन अब जांच कक्ष भी चर्म रोग विभाग में शिफ्ट कर दिए जाने के बाद रोगी के जांच नमूने वहीं से लिए जाएंगे। डॉ. मीणा ने बताया कि आउटडोर में चिकित्सकों की राउंड द क्लॉक ड्यूटी निर्धारित कर दी गई है।
जैसे ही कोई संदिग्ध रोगी आता है, उसे तुरंत उपचार मुहैया हो जाता है। संदिग्ध माने जाने के बाद उसके जांच नमूने लेने में भी समय नहीं लगता है। जांच नमूने पूरे हो जाने के बाद उसे भर्ती करने में कोई समस्या नहीं होती है। इस तरह स्वाइन फ्लू से जुड़े रोगियों को अस्पताल परिसर से अलग कर दिया है। आइसोलेशन वार्ड में भी बैड और वेंटिलेटर आदि उपकरणों को सुव्यवस्थित कर दिया गया है।










