बेनतीजा रही गोत्र विवाद की पंचायत
पानीपत. सिवाह गांव में रविवार को गोत्र विवाद को लेकर सिवाह, नांगलखेड़ी, हड़ताड़ी, बुड़शाम व दीवाना गांवों के लोगों की हरिजन चौपाल में हुई पंचायत बेनतीजा रही। सुबह 11 बजे से 4.30 बजे तक चली मैराथान पंचायत में लड़के वालों के बहिष्कार को लेकर भी चर्चा चली। लेकिन, इस पर सहमति नहीं बन पाई।
बाद में निर्णय लिया गया कि 29 नवंबर को फिर सिवाह गांव में पांचों गांवों की पंचायत होगी। पंचायत की अध्यक्षता नांगल खेड़ी निवासी दलीप ने की। पांच गांवों के प्रधान श्रीचंद, सिवाह के सरपंच सूबेदार कर्ण सिंह, गजे सिंह, अशोक कुमार, भैयाराम और कृष्ण सहित काफी लोग मौजूद रहे।
ये है मामला
सिवाह गांव निवासी सतीश पुत्र सुंदरा की सोनीपत के मनौली गांव निवासी रचना पुत्री हरपाल के साथ शादी तय हुई थी। सतीश की बारात 10 जुलाई, 08 को मनौली गई थी। तभी सिवाह निवासी गजे सिंह ने प्रशासन से शिकायत कर दी कि रचना नाबालिग है।
प्रशासन व कुंडली पुलिस ने रचना के नाबालिग होने पर शादी रुकवा दी। एक महीना पहले सतीश रचना को अपने घर सिवाह ले आया। रचना का गोत्र रंगा बताया गया है। सिवाह में नरवाल, रंगा, भोला व फुलिया गोत्र हैं। इन गोत्रों का आपस में भाईचारा है। इसमें एक—दूसरे के लड़के—लड़की की शादी नहीं हो सकती। सतीश नरवाल गोत्र का है। इसी से तनाव है।
कहानी में कई पेंच
सवाल ये है कि सतीश बगैर शादी के कैसे रचना को अपने गांव ले आया। या फिर उन दोनों ने कहीं शादी कर ली है। रचना अभी भी बालिग है या नाबालिग इनका भी पंचायत पता लगाएगी।
29 को बुलाया
सतीश रचना को कैसे गांव लेकर आया, इसका पता लगाया जाएगा। गोत्र विवाद को सुलझाने के लिए 29 नवंबर को फिर पंचायत बुलाई गई है। - सूबेदार कर्ण सिंह सरपंच गांव सिवाह










