दहशत फैलाना था मकसद
हिसार. छह दिन पूर्व शहर में तीन स्थानों पर गोली चलाने वालों का मुख्य मकसद अपने-अपने क्षेत्रों में अपने नाम का खौफ पैदा करना था। ताकि लोग उनको गोली चलाता देखकर भविष्य में उनसे डरें। इसी कारण तीनों ने अलग-अलग जगह पर पिस्तौल से गोली चलाई।
यह खुलासा गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों ने रविवार को पुलिस रिमांड में किया है। पुलिस के अनुसार बुधवार को राजगुरु मार्केट व रेलवे कॉलोनी में कुलदीप उर्फ मोटू ने गोली चलाई थी। वहीं भगत सिंह नगर में यह काम सुनील उर्फ बल्ली ने किया था।
इसी दौरान आरोपियों में से एक ने 12 क्वार्टर रोड पर भी दहशत के इरादे से हवाई फायर किया था। पुलिस ने बताया कि कुछ दिन पूर्व सुनील उर्फ बल्ली का सिलेंडर की बाबत दुकानदार संजय के साथ मामूली झगड़ा हुआ था। इसी बात को लेकर उसने संजय पर गोली चलाई।
प्रेम प्रसंग का था मामला
शहर थाना प्रभारी बलबीर सिंह ने बताया कि रेलवे कॉलोनी में रविंद्र पर गोली चलाने के पीछे एक लड़की के साथ प्रेम प्रसंग का मामला था। उन्होंने बताया कि इस बात को लेकर कुलदीप उर्फ मोटू व रविंद्र के बीच पहले भी कहासुनी हो चुकी थी। वारदात के समय सुनील उर्फ पोना ने रविंद्र का बैट छीनकर उसकी पिटाई की थी। बाद में कुलदीप ने उस पर गोली चला दी।
जिंदल पार्क में बनाई योजना
रिमांड पर लिए गए आरोपियों ने पुलिस को बताया कि इस पूरे प्रकरण की योजना उन्होंने मिलगेट एरिया के जिंदल पार्क में बनाई थी। इस दौरान उन्होंने वहां बैठकर एक बोतल शराब पी व उसमें नशे की गोलियां भी मिलाई। शराब पीने के बाद कुलदीप कहीं से चार कारतूस खरीदकर लाया, जो उन्होंने चार जगह चलाकर खत्म कर दिए।
जिस रास्ते से गए, उसी पर धरे गए
पुलिस के अनुसार वारदात के बाद आरोपी सेक्टर 1-4 से होते बाईपास रोड से फरार हुए थे। हालांकि वारदात की सूचना मिलने पर पुलिस ने शहर में सीलिंग प्लान लागू कर दी थी, लेकिन उन्होंने शहर की रिहायशी कॉलोनियों का फायदा उठाया। इस बारे में पुलिस को बाद में पता चल गया था।
शनिवार की रात जब पुलिस को सूचना मिली की दो आरोपी आज शहर में आएंगे तो इसके लिए पुलिस ने उसी रास्ते पर नाका लगा दिया। इस नाके पर शहर थाना प्रभारी बलबीर सिंह, अनाज मंडी चौकी इंचार्ज प्रताप सिंह, मोहल्ला डोगरान चौकी इंचार्ज ओमप्रकाश, एएसआई आजाद सिंह, हवलदार चांदी राम, हवलदार रमेश व सिपाही दयाल सिंह आदि मौजूद थे।
बदलते रहे ठिकाना
गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वारदात के बाद वह बाइक की नंबर प्लेट उखाड़कर सबसे पहले हांसी चले गए। इसके बाद वह भिवानी, सिरसा व ऐलनाबाद आदि शहरों में ठिकाना बदलते रहे। पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों पर पहले भी प्लॉटों पर कब्जे व छोटी-मोटी चोरियों के मामले दर्ज हैं। अब उन्होंने अपराध की दुनिया में बड़ा नाम कमाने के मकसद से बुधवार को इस घटना को अंजाम दिया था।










