जब्त वाहनों से सामान गायब, कौन रखे नजर
सागर. शहर के थानों में जब्त वाहनों का कोई रखवाला नहीं है। कहने को संतरी पहरा देता है लेकिन वाहनों से मिरर और अन्य सामान कब गायब हो जाता इसकी जानकारी किसी को नहीं रहती।
थानों में एक्सीडेंट, चोरी या फिर लावारिस हालत में पुलिस द्वारा जब्त किए गए वाहन रखे हैं। शहर के पांचों थानों में इन वाहनों की संख्या 12 सौ से अधिक बताई गई है। ये वाहन 8-10 साल पहले जब्त किए गए थे।
कई लोग तो कोर्ट के आदेश के बाद भी जब्त वाहनों को लेने नहीं आ रहे हैं और कुछ के मामले कोर्ट में लंबित होने से उनका निराकरण नहीं हो पा रहा है।
थाने में रखे वाहनों से सामान कब गायब हो जाता है उसकी जानकारी संतरी ड्यूटी करने वाले सिपाही को भी नहीं रहती है।
सबसे ज्यादा जब्त वाहन मोतीनगर और कैंट थाने में रखे हैं। इनमें से अधिकांश वाहनों के मिरर, सीट व अन्य जरूरी सामान गायब हो गए हैं। कैंट थाने के एक कर्मचारी का कहना है कि जब्त वाहनों पर अपराध नंबर और किस अपराध में जब्त किए जाते है उसकी धारा प्रिंट रहती है।
सामग्री का उल्लेख नहीं रहता है। जहां तक सामान गायब होने का सवाल है तो सालों से जब्त वाहनों में जंग लग जाने से वह खराब हो जाता है। ज्यादातर एक्सीडेंट मामलों में जब्त वाहनों में सामान नहीं रहता है। घटना स्थल पर टूट-फूट होने से भी खराब हो जाता है।
जगह नहीं कहां रखें सामान
मोतीनगर थाने में जब्त सामान रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। एक्सीडेंट व अन्य मामलों में जब्त किए वाहन थाने के खुले परिसर में रखे हैं। यहां जब्त वाहनों की संख्या 200 है। ज्यादातर मोटरसाइकिल हैं।
गोपालगंज थाने में एक ट्रक, जीप, मारुति कार और 25 मोटरसाइकिल रखी हैं। नई मोटरसाइकिल एक्सीडेंट के मामले में जब्त हुई थी। उसके दोनों मिरर और साइड गार्ड गायब हो गए। कोतवाली थाने में दो साल से 50 वाहन और केरोसिन के ड्रम जब्त है।
सूत्रों का कहना है कि ड्रम खाली हो गए, केरोसिन कहां गया इसका जवाब किसी के पास नहीं है। मोटरसाइकिल और स्कूटर में जंग लग गई है जब्त सामान की संख्या थाने में दर्ज है।










