संसद से बाजार तक हंगामा
मॉर्डन वॉरफेयर-2’ मंगलवार को लॉचिंग के तुरंत बाद ही विवादों में घिर गया है। इसमें हिंसा और आतंकी हमले का वास्तविक चित्रण किया गया है जिसके कारण इसका विरोध हो रहा है। लोगों का कहना है कि इससे बच्चों पर बुरा असर पड़ेगा और गेम पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। वहीं जानकारों का मानना है कि वचरुअल हिंसा का कोई असर नहीं होगा।
कॉल ऑफ ड्यूटी : मॉर्डन वॉरफेयर-2 वीडियो गेम के कारण ब्रिटेन, रूस, अफगानिस्तान, कजाकिस्तान और अमेरिका में विवाद बढ़ गया है। ब्रिटेन में सांसदों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। सांसदों का कहना है कि इसमें हिंसा के पैमाने को लेकर सतर्कता नहीं रखी गई है। वहीं इसमें जिस लीसेस्टर स्क्वेअर को सैनिकों और सैन्य टैंकों से घिरा हुआ दिखाया गया है, वहां आमतौर पर फिल्मों के प्रीमियर के लिए रेड-कारपेट बिछाया जाता है। उधर इस सबके बीच वीडियो गेम की बिक्री नया रिकॉर्ड बनाने जा रही है।
वीडियो गेम का पक्ष लेते हुए ब्रिटेन के सांसद टॉम वॉटसन ने कहा कि जो लोग विरोध कर रहे हैं, उन्हें गेमिंग इंडस्ट्री के बारे में सोचना चाहिए। गेमिंग से लाखों यूजर्स भी जुड़े हुए हैं। एक वीडियो गेम जिसे लाखों लोगों ने पसंद किया है, वह बुरा नहीं हो सकता। ये लोग क्रिएटिव हैं और उनका सम्मान होना चाहिए। हालांकि ब्रिटेन के सांसद कीइथ वाज वीडियो गेम को खतरनाक बता रहे हैं।
नेताओं जैसे नाम वाले कैरेक्टर : वीडियो गेम में अपने नेताओं जैसे नाम वाले कैरेक्टर होने पर रूस ने आपत्ति ली है तो अफगानिस्तान सहित अन्य देशों का कहना है कि कंटेंट पॉलिसी के तहत होने चाहिए। किसी को व्यक्ति-विशेष को हमलावर दिखाया जाना गलत है।
‘एम’ रेटिंग पर जोर, लेकिन..: गेम के बारे में बताया जा रहा है कि इसे एम यानी मेच्योर रेटिंग दी गई है। इसके हिंसक दृश्यों और इफेक्ट्स के कारण इसे बच्चों से दूर रखने को निर्देश दिए गए हैं। जबकि इसका वर्जन ऑनलाइन भी मौजूद है। इसे 17 वर्ष से अधिक आयु वालों के लिए मान्य किया गया है।
विवादित वीडियो गेम को लेकर अपने-अपने तर्क से खुद को बता रहे हैं सही
संसद में
* ‘‘सांसदों को तो हजारों गेम्स डिजाइनरों और लाखों गेम यूजर्स की भावनाओं को समझना चाहिए। यह विषय संसद में आया है तो इसकी गंभीरता को समझना होगा। यह गेम किसी खेलने वाले को हत्यारा नहीं बना रहा है। गेमिंग इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को अपना एक समूह बनाना चाहिए जिससे वे सरकार पर दबाव बना सकें। -टॉम वॉटसन, सांसद ब्रिटेन
* ‘‘यह खतरनाक खेल है और इससे आपकी रातों की नींद गायब हो सकती है। इसे ‘एम’ श्रेणी दी गई है और 17 या उससे अधिक आयुवर्ग के लोगों को ही खेलना चाहिए। सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि यह गेम बच्चों के हाथों में न आए। साथ ही इस पर चेतावनी भी जारी करनी चाहिए। -कीइथ वाज, पूर्व मंत्री व सांसद ब्रिटेन
बाजार
* ‘‘यह तो टीन्स और गेम खेलने वालों के लिए फायदेमंद है। इस भरपूर मनोरंजक गेम को लेकर विवाद करना ठीक नहीं है। मैंने खुद इस नए गेम को खेल चुका हूं और मुझे बहुत अच्छा लगा। गेम के दौरान आप बुराई को खत्म करते हैं और इससे आप रिलेक्स हो जाते हैं। -डेविड ओनील, मालिक वचरुअल अरेना
ब्रिटेन
* ‘‘हमें यकीन है कि केवल ब्रिटेन में इस गेम की दस लाख से अधिक प्रतियां इसी हफ्ते बिक जाएंगी। लॉचिंग के पहले सात लाख प्रतियां बुक हो चुकी थीं। स्टोर्स पर लोगों की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं। -गेनारो कैस्टालडो, प्रवक्ता एचएमवी
कॉलेज
* ‘‘वीडियो गेम की हिंसा से कई प्रकार के बुरे प्रभाव सामने आते हैं। इससे सामाजिक विरोध की भावना बढ़ जाती है। इसके प्रमाण हैं कि गेम के कारण आक्रामकता बढ़ जाती है। इससे सहयोग की भावना, सहानुभूति और देखभाल जैसी अन्य तत्वों पर भी बुरा असर पड़ता है। -प्रो बारथोलोव, मनोविज्ञान विभाग, यूनिवर्सिटी ऑफ मिशोयूरी
* ‘‘गेमिंग की हिंसा के कारण खेलने वालों में संवेदनशीलता पर बुरा असर पड़ता है। वे हिंसक और चिड़चिड़े हो सकते हैं। ऐसे सभी गेम्स को प्रतिबंधित करना चाहिए जो सेक्स और हिंसा बढ़ा सकते हों। -जैक थॉम्प्सन, सामाजिक कार्यकर्ता
इंटरनेट पर
* ‘‘यह तो किसी हॉलीवुड मूवी की तरह है। तकनीक की दृष्टि से यह अब तक का सबसे अच्छा गेम है। मैं तो चाहूंगा कि लोगों को इसे जरूर खेलना चाहिए। इसमें सबसे अच्छी बात है कि आपको यह अंत तक मालूम नहीं होता कि यह गेम कौन जीतने वाला है? यह तो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। -जेसन वेस्ट, क्रिएटिव डायरेक्टर
* ‘‘यह तो सुपरहिट वीडियो गेम है। इसके लिए लोगों में जबर्दस्त क्रेज है। इसे ऐसा रिस्पांस मिल रहा है जैसा पहले कभी किसी वीडियो गेम को नहीं मिला। हमें तो लग रहा है कि यह गेम नए रिकॉर्डस बनाएगा। -एमेजन, ऑनलाइन रिटेलर
आतंकियों के गढ़ पर हमला बोलने वाले कमांडो ग्रुप की थीम पर आधारित इस सिंगल प्लेअर गेम की आधिकारिक घोषणा 11 फरवरी 2009 को हुई थी। उस समय इसके कुछ फुटेज इंटरनेट पर लीक हो गए गए जिस पर भी विवाद बढ़ गया था। इनमें खिलाड़ी के पास ऑप्शन था कि वह निर्दोष और हथियार के बिना दिख रहे लोगों पर भी फायरिंग कर सकता है। यह गेम ‘कॉल ऑफ ड्यूटी’ का छठा संस्करण है। आधिकारिक स्टोर्स पर इसकी कीमत 59.99 डॉलर (दो हजार सात सौ सात रुपए) रखी गई है।
600 : नेटिव रेजोल्यूशन पर यह गेम, माइक्रोसॉफ्ट विंडोज, प्लेस्टेशन3 और एक्सबॉक्स 360 पर खेला जा सकता है। इसे इंफिनिटी वार्ड ने डेवलप किया है।
6200 : स्टोर्स पर इस गेम को बेच रही एक्टीविजन ने आधिकारिक आंकड़ों को जारी नहीं किया है, लेकिन उसका कहना है कि यह वीडियो गेम की सबसे बड़ी बिक्री के करीब पहुंच गया है।










