Tuesday, November 17, 2009 01:46 [IST]  

danik bhaskarबिना फायरिंग-धमाके के हो रहा शिकार

विजय शर्मा

shikarऊना. न कोई गन का फायर, न ही कोई धमाका। पलक झपकते ही शिकार कड़ाकी में फंस जाए और लोगों को भी इसकी भनक न लगे। बात हो रही है शिकारियों की। आजकल जिले के जंगलों में शिकारियों ने निरीह वन्य प्राणियों को मारने के लिए बंदूक की जगह नए-नए तौर तरीके अपना रखे हैं।



जंगलों में वन्य प्राणियों को मारने के लिए कड़ाकी का इस्तेमाल किया जाने लगा है। इसके इस्तेमाल से जहां लोगों को भनक तक नहीं लग पाती, वहीं अवैध शिकार करने के मामले भी वन विभाग की पकड़ में नहीं आते।



सूत्रों के मुताबिक भरवाईं, अंब, ऊना, रामगढ़धार व बंगाणा वन रेंजों के तहत आने वाले जंगलों में कई जगह तेंदुओं, जंगली सुअरों, कक्कड़ों व सांभरों आदि को मारने के लिए कड़कियों का प्रयोग हो रहा है। इन कडक्कियों को जंगलों में ऐसी जगह पर लगाया जाता है कि जंगल से गुजरने वालों की भी इन पर नजर नहीं पड़ती।



तेंदुए भी बने हैं शिकार



अन्य जंगली जानवरों की तरह जिले में कई तेंदुए भी कड़ाकी में फंस कर अपनी जान गंवा चुके हैं। रविवार को बंगाणा वन रेंज के कोट में एक तेंदुए की कड़ाकी में फंसने से मौत हो गई। इस कड़ाकी को जंगल में शिकारियों ने एक पेड़ के साथ लगा रखा था। पिछले 14 सालों में करीब 20 से अधिक तेंदुओं की मौत हो चुकी है। इनमें से अधिकतर तेंदुए कड़ाकी का ही शिकार बने हैं।



ऐसी घटनाएं बंगाणा, भरवाई और रामगढ़ धार वन रेंज के जंगलों में हुई हैं। वन विभाग ऐसे मामलों में नामालूम लोगों के खिलाफ ही केस रजिस्टर्ड करवा पाता। कड़ाकी लगाने के आरोप में अभी तक कोई भी मामला ट्रेस नहीं हुआ।



कैसे होती है कड़ाकी



वन्य प्राणियों को मारने के लिए शिकारी कड़ाकी बनाने के लिए स्कूटर की क्लच वायर का इस्तेमाल करते हैं। इस वायर को गोलनुमा बनाकर पेड़ की ओट में कस कर बांध दिया जाता है। यह तार भी काफी मजबूत होती है। इसमें जानवर के फंसते ही तार कसती चली जाती है। जिससे जानवर छूट नहीं पाता। कई शिकारी तो इस तार को डब्बल करके भी कड़ाकी लगाते हैं।



अगर वन्य प्राणियों के शिकार का कोई मामला पकड़ में आता है, तो आरोपी के खिलाफ वन्य प्राणी अधिनियम 1972 के तहत कार्रवाई की जाती है। इस बारे संबंधित जिलों के डीएफओ के आदेश पर वन विभाग के कर्मचारी समय-समय पर जंगलों में गश्त करते हैं। इस बीच कोई शिकार करता पकड़ा जाता है तो उस पर कार्रवाई की जाती है।



समीर रस्तोगी, कंसरवेटर (वाइल्ड लाइफ) धर्मशाला सर्कल

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