प्रणब मुखर्जी आज एचपीयू में
शिमला. प्रदेश सरकार केंद्रीय वित्त मंत्री के समक्ष पहाड़ी राज्यों के विश्वविद्यालयों को आ रही विभिन्न समस्याओं के निदान के लिए अतिरिक्त वित्तीय मदद प्रदान करने का प्रस्ताव रखेगी। सरकार का मानना है कि यूजीसी से मिलने वाले अनुदान के तहत जो वित्तीय मदद की जा रही है वह पहाड़ी राज्यों के विश्वविद्यालयों के लिए नाकाफी है।
राज्य में जहां उच्च शिक्षा में एनरोलमेंट दर सबसे अधिक है तो इसमें अतंरराष्ट्रीय स्तर के विश्वविद्यालयों का काफी अभाव है। शिक्षा मंत्री आईडी धीमान एचपीयू में होने वाले दीक्षांत समारोह में केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के साथ रहेंगे। धीमान का मानना है कि प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी राज्यों में एक है। साक्षरता दर के मामले में हिमाचल प्रदेश दूसरे स्थान पर है जबकि उच्च शिक्षा हासिल करने वालों की संख्या राज्य में दूसरे सभी राज्यों से अधिक है।
उच्च शिक्षा में प्रवेश लेने वालों की संख्या राज्य में 20 फीसदी से अधिक है जबकि इसकी राष्ट्रीय औसत 12 फीसदी के आसपास है। प्रदेश सरकार की तरफ से केंद्र सरकार को राज्य में केंद्रीय विश्वविद्यालय को जल्द शुरू करने के लिए पत्र भी लिखा है। राज्य सरकार ने इस पत्र के माध्यम से केंद्र सरकार से यह मांग की है कि केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए जल्द ही बजट का प्रावधान किया जाए।
अन्य राज्यों में केंद्रीय विश्वविद्यलयों को मंजूरी दी जा चुकी है जबकि राज्य में केंद्रीय विश्वविद्यालय का मामला लटका हुआ है। सरकार ने केंद्रीय विश्वविद्यालय के के सभी औपचारिकताएं पूरा कर चुकी है। कांगड़ा में 600 एकड़ से अधिक भूमि का प्रावधान है।










