बस खाई में गिरी 11 की मौत
शिमला. शिमला से करीब 80 किलोमीटर दूर कोटखाई के चडियाणा में सोमवार शाम एचआरटीसी की बस के 700 फीट खाई में गिरने से 11 लोगों की मौत हो गई जबकि 9 लोगों को कोटखाई अस्पताल में भर्ती किया गया है। देर शाम तक राहत कार्य चल रहा था। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
दुर्घटना में लापता लोगों की तलाश की जा रही है। जानकारी के अनुसार बस (एचपी 07 0747) शिमला से रियोघाटी जा रही थी। कोटखाई के चडियाणा गांव के पास साढ़े चार बजे एक कार को पास देते समय बस खाई में गिर गई। बस में 25 से 30 लोग सवार थे।
दुर्घटना के बाद से पुलिस और स्थानीय लोग राहत कार्यो में लगे हुए थे। पुलिस के अनुसार हादसे में मरे 11 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं और 9 घायलों को अस्पताल भेजा गया है। कुछ अन्य लोग अभी लापता है। हादसे में मारे गए लोग बालीधार, नैराघाटी और घावला के बताए जा रहे हैं। रात होने के कारण खाई से शवों को निकालने और राहत कार्यो में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दुर्घटना में बस चालक की भी मौत हो गई है जबकि कंडक्टर घायल है।
रीजनल मैनेजर करेंगे दुर्घटना की जांच
हिमाचल पथ परिवहन निगम की चटियाणा के पास हुई बस दुर्घटना के जांच के आदेश दिए गए हैं। परिवहन मंत्री महेंद्र सिंह ने दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक को जांच के आदेश देते हुए कहा कि वह जांच रिपोर्ट जल्द सरकार को प्रस्तुत करें। सरकारी सूचना के अनुसार दुर्घटना में सात की मौत और 9 के घायल हुए हैं।
राज्यपाल प्रभा राव और मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कोटखाई के नजदीक हुई इस बस दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को तुरंत राहत प्रदान करने और घायलों को बेहतर उपचार प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। बागवानी मंत्री नरेंद्र बरागटा भी राहत कार्यो की देखरेख के लिए मौके पर पहुंच गए हैं।
दो माह पहले ही रखा था ड्राइवर
चडियाणा (कीथ) बस हादसे के लिए ड्राइवर के नौसिखिया होने के अलावा उसकी लापरवाही को दुर्घटना का कारण बताया जा रहा है। ड्राइवर मिसर लाल (35) अनुबंध पर था और दो माह पहले ही ज्वाइन किया था। इतना ही नहीं दुर्घटनाग्रस्त बस जीरो बुक वेल्यू भी पूरा कर चुकी थी।
1998 मॉडल की यह बस इससे पहले केलांग, लाहौल-स्पीति जैसे पहाड़ी जगहों पर चल चुकी थी। यह बस अब तक करीब पौने सात लाख किलोमीटर चल चुकी थी। प्रदेश में करीब 519 बसें हैं जो जीरो बुक वेल्यू पूरा कर चुकी हैं। एमडी सोमेश गोयल ने कहा कि जीरो बुक वेल्यू पूरा कर चुकी बसों का मतलब यह नहीं होता है कि बसें चलाने योग्य नहीं होती हैं।
उन्होंने कहा इस दर्दनाक हादसे को लेकर उन्हें मृतकों और घायलों के परिजनों से पूरी संवेदना है। सोमेश गोयल ने कहा कि घायलों के इलाज का खर्चा परिवहन निगम वहन करेगा और मृतकों के आश्रितों को 50-50 रुपए दिए जाएंगे। दुर्घटना के कारणों की जांच की जाएगी और अगर मानवीय चूक पाई गई तो कड़े कदम उठाए जाएंगे। बस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई है।
इनमें से 10 की ही शिनाख्त हो पाई है। एक व्यक्ति लापता है। 11 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि एक व्यक्ति ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ा और 3 लोगों की अस्पताल में मौत हो गई। मृतकों के परिजनों को प्रशासन ने 20-20 हजार रुपए की फौरी राहत देने की घोषणा की है।
बोलेरो खाई में गिरी, तीन मरे
नाहन-राजगढ़ मार्ग पर मढ़ीघाट के पास एक बौलेरो के करीब 150 मीटर गहरी खाई में गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई जबकि एक घायल हो गया। घायल का बड़ू साहिब स्थित अस्पताल में ईलाज चल रहा है। मिली जानकारी के अनुसार रविवार देर रात्रि मढ़ीघाट के पास बने एक गहरे मोड़ पर बौलेरो (एचपी 16-0289) अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई।
गाड़ी में सवार कलम सिंह (55) नेपाली मजदूर, निवासी ढढोल, आदर्श कुमार (28) निवासी कतियाणा, विनोद कुमार (32) निवासी मच्छेर की बड़ू साहिब अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई, जबकि कमल (26) निवासी काकली गंभीर रूप से घायल हो गया। कमल का बड़ू साहिब अस्पताल में ईलाज चल रहा है।










