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Tuesday, Nov 17th, 2009, 8:02 pm [IST]  

danik bhaskar5वीं पास थानेदार का रोल नंबर फर्जी

Bhaskar News

policeअम्बाला सिटी. फर्जी सर्टिफिकेट पर सिपाही भर्ती होकर थानेदार का रैंक हासिल करने वाले रणजीत सिंह पर महकमे का शिकंजा कसता जा रहा है। डीएसपी हेड क्वार्टर के निर्देशों पर राजस्थान बोर्ड में जांच करने पहुंचे डीआई ने यह साफ कर दिया कि रिकार्ड में असल रोल नंबर पर थानेदार नहीं दिनेश फेल हुआ था।

लिहाजा ऐसे में थानेदार के पास मौजूद सर्टिफिकेट को आगामी जांच के लिए बोर्ड के हवाले कर दिया है। दरअसल, बलदेव नगर थाने में तैनात थानेदार रणजीत सिंह के खिलाफ जींद के रणधीर सिंह ने आईजी को एक शिकायत सौंपी थी। जिसमें रणजीत सिंह पर दसवीं के फर्जी सर्टिफिकेट पर भर्ती होने का आरोप लगाया गया था।

साथ ही कहा गया था कि रणजीत सिंह ने यह सर्टिफिकेट राजस्थान बोर्ड के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से तैयार कराया है। बोर्ड द्वारा दिनेश और रणजीत को जारी किये जाने वाले सर्टिफिकेट पर एक ही रोल नंबर अंकित है और एक ही साल में जारी किया गया है।

दोनों में फर्क यह है कि दिनेश रेगूलर स्टूडेंट था जबकि रणजीत ने प्राइवेट दसवीं पास की। लेकिन एक ही रोल नंबर पर रणजीत को पास का सर्टिफिकेट कैसे जारी हुआ। इस बात का रिकार्ड शिक्षा बोर्ड अजमेर राजस्थान के पास भी नहीं है।

लिहाजा इसी बात की जांच के लिए आईजी ने डीएसपी हेड क्वार्टर को कुछ दिन पहले जांच सौंपी थी। डीएसपी ने आगामी जांच का जिम्मा डीआई को सौंपा था। कुछ दिन पहले डीआई दोनों सर्टिफिकेट लेकर राजस्थान पहुंचे थे।

जहां उन्होंने रिकार्ड में यह सर्टिफिकेट दिनेश के नाम पर जारी होना पाया। लेकिन बोर्ड डीआई को रणजीत के सर्टिफिकेट से संबंधित रिकार्ड नहीं दे पाया। अब थानेदार के पास मौजूद सर्टिफिकेट को बोर्ड के पास सौंप दिया गया है।

फेल के नाम हुआ सर्टिफिकेट जारी

वह दोनों सर्टिफिकेट लेकर बोर्ड में गए थे। उस समय के रिकार्ड में दिनेश शर्मा फेल हुआ था। जिसे सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया गया था। लेकिन रणजीत सिंह के पास मौजूद सर्टिफिकेट उसी बोर्ड का है। इसके लिए बोर्ड को जांच के लिए दस दिन का समय दिया गया है। - अमरनाथ, डीआई अम्बाला।



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