मौसम बदलने से बढ़ी किसानों की चिंता
करनाल. आसमान में छाए बादलों को देखकर उन किसानों के चेहरे खिल उठे हैं जिनके खेतों में गेहूं, गन्ना, सरसों की फसल खड़ी है। सर्दी के इस मौसम में हल्की बारिश होने से रबी की इन फसलों को विशेष रूप से फायदा होगा।
प्रदेश में अधिकतर गेहूं की बिजाई हो चुकी है, लेकिन अभी भी कुछ हिस्से में गेहूं की बिजाई जारी है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि फसलों को सिंचाई की खास जरूरत नहीं है, लेकिन हल्की बारिश होने से खेत में खड़ी इन फसलों को नुकसान नहीं होगा।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश होने से वातावरण में उपस्थित नाइट्रोजन गैस फसलों को मिलेगी जिससे फसलों को फायदा होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि 10 से 12 एमएम बारिश गेहूं की फसल के लिए पर्याप्त है।
गन्ना, गेहूं, सरसों के अलावा सब्जियों गाजर, मैथी, टमाटर, मटर, गोभी आदि की फसलों को भी बारिश का लाभ मिलेगा। बादलों को देखकर उन किसानों के चेहरे पर चिंता है जिनकी जीरी अभी मंडी में पड़ी है।
अभी बहुत सी जीरी अनाज मंडियों में खुले आसमान के नीचे पड़ी हुई है। बारिश होने की स्थिति में मंडी में पड़ी जीरी भीगने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। बासमती जीरी की कटाई अभी भी जारी है। बारिश होने से खेत में खड़ी बासमती जीरी की फसल को भी नुकसान हो सकता है।
बारसात होने पर रुक सकती है बिजाई
जानकारों का कहना है कि यदि 20 से 40 एमएम बारिश हो जाती है तो इससे मिट्टी गीली होने की वजह से गेहूं की बिजाई रुक सकती है। इसके अलावा जिन खेतों में अभी-अभी बिजाई हुई है वहां भी बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान हो सकता है।
इसके अलावा खेत में पानी खड़ा होने की स्थिति में फसल खराब हो सकती है। रेतीली मिट्टी में खड़ी फसल को कम नुकसान होगा, जबकि चिकनी व दूसरी मिट्टी में उगाई गई फसल को अधिक नुकसान होगा।
हल्की बारिश रबी की फसल गेहूं, गन्ना, सरसों के लिए फायदेमंद होगी। हालांकि अधिक बारिश से फसलों को नुकसान हो सकता है। - डा. वजीर सिंह, एसडीओ, कृषि विभाग करनाल










