करनाल में बनेगी रंगीन मछलियों की लैब
करनाल. उत्तरी भारत की एकमात्र रंगीन मछलियों की हैचरी बनाने के बाद मत्स्य विभाग करनाल ने इस क्षेत्र में एक और कदम बढ़ाया है। अब करनाल में रंगीन मछलियों की लैब बनाई जाएगी। लैब का यह कार्य रंगीन मछलियों की हैचरी के एक्सटेंशन पार्ट में रहेगा।
इसके लिए जिला अधिकारियों ने प्रपोजल तैयार कर विभागीय आला अधिकारियों को भेज दिया है। करीब एक एकड़ में बनने वाली इस लैब पर करीब 50 लाख रुपए खर्च होंगे। इस लैब में रंगीन मछलियों को पालने के लिए पानी, मिट्टी व मछलियों की बीमारियों की जांच होगी। जिसका फायदा उत्तरी भारत के रंगीन मछली पालकों को होगा, क्योंकि यह लैब उत्तरी भारत की एकमात्र लैब होगी।
बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
अधिकारियों के अनुसार इस लैब के निर्माण से न केवल पानी, मिट्टी व मछलियों की बीमारियों की जांच होगी, बल्कि इससे युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे, क्योंकि इस लैब के साथ एक ट्रेनिंग सेंटर भी खोला जाएगा, यहां से ट्रेनिंग लेने के बाद युवा अपने घर के आंगन व छत पर रंगीन मछलियों का पालन कर सकेंगे। ट्रेनिंग के दौरान पानी में आक्सीजन की मात्रा, खुराक, बीमारियों को कैसे दूर किया जाए के प्रति ट्रेनिंग दी जाएगी।
लगेंगे रेरिंग टैंक
ओरनामेंटल फिश हैचरी की सफलता के बाद इस प्रोजेक्ट को हैचरी के एक्सटेंशन में लिया गया है। इस लैब के साथ रेरिंग टैंक भी लगाए जाएंगे। इन टैंक में मछली पालन किया जाएगा और ट्रेनिंग के लिए आने वाले युवाओं को मछली पालन की बारीकियों से अवगत करवाया जाएगा।
करनाल में बनने वाली यह लैब उत्तरी भारत की एकमात्र लैब होगी। इसके लिए प्रपोजल बनाकर भेज दिया गया है। इसमें पानी, मिट्टी व मछलियों की बीमारियों की जांच होगी। युवाओं को रंगीन मछलियों के पालन की ट्रेनिंग भी दी जाएगी, ताकि वे रोजगार प्राप्त कर सकें। - आरएस सांगवान, जिला मत्स्य अधिकारी, करनाल










