कनाडा-ऑस्ट्रेलिया के लिए वीजा हुआ आसान
चंडीगढ़. कामगारों के अभाव के कारण कनाडा सरकार ने अपनी नीतियों को बदलते हुए युवा, मेहनतकश एवं स्किल्ड नौजवानों के लिए इमिग्रेशन के दरवाजे खोल दिए हैं। इसी कारण 15 वर्षो में पहली बार कनाडा सरकार अब खुलकर वीजा दे रही है।
डब्ल्यूडब्ल्यूआईसीएस के प्रबंध निदेशक बी.एस. संधू ने फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन ने बताया कि इस नई योजना के तहत स्किल्ड वर्कर श्रेणी, फैडरल इन्वेस्टर श्रेणी और क्यूबिक इन्वेस्टर श्रेणी के तहत वीजा आवेदन करने वालों के लिए कनाडा सरकार ने वीजा प्रकिया का सरलीकरण किया है। इसी कारण दो माह में उनकी ओर से 74 लोगों को कनाडा का वीजा दिलाया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि कनाडा, ऑस्ट्रेलिया एवं यूरोप के अन्य देश अपने श्रम बाजार की कमी को पूरा करने के लिए अप्रवासियों पर निर्भर रहते हैं। जिन क्षेत्रों में कामगारों की सर्वाधिक कमी है, उस आधार पर कनाडा में 38 प्राथमिकता व्यवसाय सूची (पीओएल) के अंतर्गत और ऑस्ट्रेलिया में महत्वपूर्ण कौशल सूची (सीएसएल) के अंतर्गत वीÊा आवेदन पत्र फास्ट ट्रैक प्रणाली के तहत जांचे जा रहे हैं और सिर्फ 6 से 12 माह में ही वीÊा संबंधी फैसला किया जा रहा है।
कर्नल संधू ने बताया कि फैडरल इन्वेस्टमेंट प्रोग्राम 8 से 12 महीनों में परिवार सहित कनाडा की पक्की नागरिकता पाने का सबसे तेज व सरल तरीका है। इस विशेष प्रोग्राम के तहत अंग्रेजी भाषा का ज्ञान व आईलेट्स आदि की भी आवश्यकता नहीं है। फैड्रल इन्वेस्टर प्रोग्राम के अनुसार जिस उम्मीदवार के पास आठ लाख कनाडियन डॉलर की संपत्ति है, वह पक्की नागरिकता के लिए आवेदन दे सकता है।
इसके लिए उसे अपने क्षेत्र में कम से कम दो वर्ष का अनुभव होना अनिवार्य है। इस कार्यक्रम के तहत उसे पांच वर्ष के लिए कनाडा सरकार के कार्यक्रमों में चार लाख कनाडियन डॉलर का निवेश करना होगा। पांच वर्ष बाद यह निवेश राशि वापस मिलने का प्रावधान है। कर्नल संधु ने कहा कि यूके जाने के इच्छुक लोग यूके टायर वन योजना के अंतर्गत पॉइंट आधारित मापदंडों के तहत इमिग्रेशन के लिए आवेदन दे सकते हैं और अगर उनके दस्तावेज पूरे हों, तो वे सिर्फ 30 दिन में ही यूके पहुंच सकते हैं।










