पीयू ने 10 फीसदी बढ़ाई फीस
चंडीगढ़. पंजाब यूनिवर्सिटी में पिछले दो साल से फीस बढ़ने के बोझ से बचे हुए विद्यार्थियों को आखिर बढ़ी हुई फीस का सामना करना ही पड़ा। वित्तीय तंगी का सामना कर रही पीयू ने एग्जामिनेशन फीस और परीक्षाओं के फॉर्म समेत सभी तरह की फीस 10 फीसदी बढ़ा दी है। एग्जामिनेशन फीस के दाम बढ़ने का सीधा असर पीयू के रेगुलर और कोरेस्पॉन्डेंस स्टडीज के विद्यार्थियों पर पड़ेगा।
पीयू में 2007 के बाद फीस नहीं बढ़ी थी। लेकिन लगातार बढ़ते खर्चे की वजह से अब पीयू को फीस बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। पिछले दिनों हुई सिंडिकेट की मीटिंग में फीस बढ़ाने का यह फैसला लिया गया था। अब यह फैसला लागू हुआ है। पीयू में अप्रैल में होने वाली परीक्षाओं के फॉर्म भरने और फीस जमा कराने का समय आते ही अब विद्यार्थियों को इस बात का पता चला है। साल के बीच में फीस बढ़ने के इस फैसले से छात्र भी पसोपेश में हैं।
ज्यादातर विभागों के विद्यार्थियों को एग्जामिनेशन फॉर्म खरीदते वक्त फीस बढ़ने का पता चल रहा है। इसके बाद फीस में भी बढ़ोतरी हुई है। पीयू ने फॉर्म और एग्जामिनेशन ही नहीं, बल्कि री—वेल्यूएशन, माइग्रेशन और अन्य सभी तरह की फीस बढ़ाई है। पिछले ढ़ाई साल से पीयू में फीस नही बढ़ी थी। इस दौरान पीयू के खर्चे लगातार बढ़ रहे हैं। पीयू के कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन डॉ. एके भंडारी के मुताबिक एग्जामिनेशन, फॉर्म और दूसरी तरह की फीस सिर्फ 10 फीसदी ही बढ़ाई गई है।
यह है पीयू के वित्तीय हालात
पीयू का मौजूदा वित्त वर्ष का खर्चा कुल 207 करोड़ रुपये है। लेकिन इसमें से पीयू को सभी संसाधनों और ग्रांट से कुल 147 करोड़ रुपये ही मिलेंगे। इसमें से लगभग 45 फीसदी राशि पीयू को छात्रों से मिलने वाली फीस और फॉर्म के रूप में मिलेगी। बाकी राशि केंद्र और पंजाब सरकार से मिलने वाली सालाना ग्रांट से पूरी होगी। बाकी घाटे को पूरा करने के लिए पीयू को दूसरे संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा था। यही वजह है कि पीयू को बाकी खर्चा पूरा करने के लिए फीस बढ़ानी पड़ी।










