मेयर, खत और सियासत
अजमेर. नगर निगम के महापौर धर्मेद्र गहलोत ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी वी. सरवन को साधारण सभा की बैठक में हुए फैसलों पर अमल करने के लिए पत्र लिखा है। बैठक के प्रस्तावों को लेकर मेयर की ओर से पहली बार हुए पत्र व्यवहार की वजह मेयर व सीईओ में बढ़ती दूरी मानी जा रही है। उल्लेखनीय है कि बैठक में पारित कुछ अन्य प्रस्तावों पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने ऐतराज किया है।
मेयर गहलोत ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी को पत्र लिख कर गत 13 अक्टूबर को हुई साधारण सभा की बैठक में पारित प्रस्तावों व फैसलों पर अमल करने के निर्देश दिए हैं। इनमें मूंदड़ी मोहल्ला स्थित पांच दुकानों के मामले में दोनों पक्षों को सुनकर 15 दिन में निस्तारण करने, कस्तूरबा अस्पताल का विकास और रिक्त पदों पर डॉक्टरों की भर्ती, तत्कालीन सफाई ठेकेदार एवं पामको का मामला भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को भेजने, कुत्तों की नसंबदी प्रकरण में सीईओ को जांच कर सदन में रिपोर्ट पेश करने आदि संबंधी प्रस्ताव शामिल हैं।
इसके अलावा गणोशनगर हाउसिंग सोसायटी प्रकरण में अनधिकृत रूप से बेची गई जमीन और अतिक्रमण के मामले में सोसायटी के पदाधिकारियों के खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने का फैसला हुआ था। इसी प्रकार सदन में नया सफाई ठेका करने का फैसला हुआ था।
मेयर ने इन सभी प्रस्तावों के फैसले पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी वी. सरवन को कार्यवाही करने का सुझाव दिया है। सूत्रों के अनुसार पिछली बैठक में पार्षदों ने मेयर पर अधिकारियों को संरक्षण देने के आरोप लगाते हुए कहा था कि सदन में लिए गए फैसलों पर अमल नहीं होता है।










