Tuesday, November 17, 2009 05:52 [IST]  

danik bhaskarसंयंत्र कर्मी गुस्से में

Bhaskar News

भिलाई. साढ़े तीन साल से वेज रिविजन का इंताजार कर रहे बीएसपी कर्मचारियों का धैर्य अब टूटने लगा है। एनजेसीएस की 20 बैठकें हो गई हैं। अभी तक वेज स्ट्रक्चर पर बात बन पाई है। फ्रिंज बेनिफिट व अन्य मुद्दों पर तो आज तक चर्चा ही नहीं हुई है। इससे संयंत्र बिरादरी में आक्रोश बढ़ने लगा है।

कर्मचारियों ने इसके लिए सेल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही 14 नवंबर की बैठक में अपने प्रतिनिधियों की हरकतों पर भी नाराजगी जताई है।सोमवार को स्टील वर्कर्स यूनियन (इंटुक) की बैठक हुई। यूनियन नेताओं ने प्रबंधन की कथित हठीले रवैए पर नाराजगी जताई और आंदोलन की रणनीति बनाई।

यूनियन के उपमहासचिव दिलीप विश्वास ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को छठवां वेतनमान, एनएमडीसी एवं कोल इंडिया के कामगारों को आकर्षक वेतन समझौता तथा सेल के अधिकारियों को ऐतिहासिक वेतनवृद्घि का लाभ मिला। सेल के कर्मचारी अभी भी मुंह ताक रहे हैं। एनजेसीएस की 20 बैठकें होने के बाद भी कुछ हासिल नहीं हुआ है।

कर्मचारियों की गाढ़ी की कमाई के करोड़ों रुपए यूनियन के केंद्रीय नेताओं के खाने-पीने और भाड़े में खर्च किए जा चुके हैं। सेल के सवा लाख कर्मचारियों को न्यूनतम वेतनमान भी तय नहीं हो पाया है, फ्रिंज बेनिफिट की बात तो दूर है।केंटीन भत्ता को लेकर भी नाराजगी जताई गई। यूनियन नेताओं ने कहा कि यहां केंटीन बंदकर उसके बदले कर्मचारियों को जो भत्ता दिया जा रहा है वह अन्य संयंत्रों से कम है।

जबकि बीएसपी सर्वाधिक मुनाफा कमाने वाला संयंत्र है। प्रबंधन ने वर्तमान में जो केंटीन व्यवस्था लागू की है वह भी पर्याप्त नहीं है। श्रमिकों को समय पर नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उपलब्ध खाद्य सामग्रियों की गुणवत्ता भी निमA स्तर की है और कीमत बाजार से अधिक है।

जबकि केंटीन चलाने वाली कंपनी को भवन, पानी व बिजली मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है। इन सभी मुद्दों को लेकर स्टील वर्कर्स यूनियन 18 नवंबर को सुबह 8 बजे से शाम 5.30 बजे तक इक्विपमेंट चौक पर धरना देंगे। इससे पहले मंगलवार को संयंत्र के सभी गेटों में पंपलेट बांटकर कर्मियों से हड़ताल में शामिल होने की अपील की जाएगी। बैठक में हीरामन तेली, केके चंद्राकर, पीएस राव, सुभाष शर्मा, मनोज शर्मा, अशोक सराफ, सतीश यादव, संतोष किचलू, शक्ति सिंह, नंदकिशोर गुप्ता, रामशक्ल, विजय बाघमरे, गिरिश सांवरिया, उमेश मिश्रा, ब्रrाया, रतन विश्वास, हरिराम यादव, लोकनाथ साहू, राजेंद्र पटेल, पीके विश्वास, गौतम मुखर्जी आदि उपस्थित थे।

भिलाई सदभावना समिति के अध्यक्ष लोकेश साहू ने कहा है कि एनजेसीएस मेंबर लगातार कर्मचारियों की भावनाओं से खेल रहे हैं। यूनियन के प्रतिनिधि प्रबंधन पर दबाव बनाने में पूरी तरह असफल रहे हैं। एनजेसीएस का कोई औचित्य नहीं है। इसे भंग कर देना चाहिए। भिलाई इस्पात संयंत्र अनुसूचित जाति जनजाति कर्मचारी संघ के अध्यक्ष आरडी कोरी ने कहा है कि अब सड़क की लड़ाई लड़नी होगी।

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