सेल-एनएमडीसी ने सहमति पत्र पर किया हस्ताक्षर
भिलाई. देश के सबसे बड़े इस्पात निर्माता स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड(सेल) व एकमात्र बड़े लौह अयस्क उत्पादक नेशनल मिनरल डेवलेपमेंट कारपरेरेशन (एनएमडीसी) के बीच हिमांचल प्रदेश के सोलन जिले में स्थित अरकी लाइनस्टोन खदान को संयुक्त रूप से विकसित करने के लिए सहमति बन गई है।
सोमवार को नई दिल्ली में दोनों कंपनियों ने सहमति पत्र में हस्ताक्षर किए । इस मौके पर केंद्रीय इस्पात मंत्री वीरभद्र सिंह, केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री ए साईप्रताप,इस्पात सचिव अतुल चतुर्वेदी, सेल अध्यक्ष एसके रूंगटा व एनएमडीसी के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक राणा सोम मौजूद थे।
अरकी माइन में लगभग 100 मिलियन टन गुणवत्ता युक्त लाइनस्टोन का भंडार है। सेल-एनएमडीसी संयुक्त उद्यम इस माइन से 3 मिलियन टन लाइम स्टोन वार्षिक (1 मिलियन टन लंम्पस व 2 मिलियन टन फाइंस) उत्पादन करने के लिए विकसित करेगा। लो-सिलिका लाइमस्टोन लंप्स का उपयोग इस्पात बनाने व फाइंस की बाजार में बिक्री की जाएगी।
सीमेंट उद्योग को बड़ी मात्रा में लाइमस्टोन फाइंस की जरूरत पड़ती है। सेल के पास लो-सिलिका लाइमस्टोन का कोई निजी स्रोत नहीं है वह इस महत्वपूर्ण कच्चे माल की जरूरत बाजार से खरीदकर पूरी करता है। अगले कुछ वर्षो में सेल की उत्पादन क्षमता के प्रस्तावित विस्तार को देखते हुए ,कंपनी की लो-सिलिका लाइमस्टोन की मांग 3 मिलियन टन से अधिक हो जाएगी।
अरकी लाइमस्टोन माइन का विकास सेल के लिए महत्वपूर्ण कच्चे माल की दीर्घकालीन सुरक्षा की दिशा में एक अन्य महत्वपूर्ण कदम होगा। दूसरी ओर एनएमडीसी की अपने उत्पाद के लिए एक सुनिश्चित खरीदार मिल जाएगा। यह संयुक्त उद्यम स्थानीय उद्योग और आस-पास के क्षेत्र के विकास को भी बढ़ावा देने के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा।










