लूट के इरादे से हुई थी पाषर्द प्रत्याशी की हत्या
डीडवाना. कस्बे में गुरुवार देर रात को हुए ब्लॉक कांग्रेस महासचिव व पालिका चुनाव के निर्दलीय प्रत्याशी मुकुंद जैन की हत्या का सोमवार को पुलिस ने खुलासा किया। इस मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार हुए। तीनों की उम्र 20 से 22 साल के बीच है। आरोपियों ने पैसे के लालच में जैन की हत्या करना कबूल किया।
हत्याकांड का मास्टर माइंड जितेन्द्र गत पांच सालों से मुकुंद जैन के संपर्क में था। जैन का कांग्रेस कार्यालय का प्रभारी होने तथा कांग्रेस का फंड उसके पास रहने की जानकारी भी जितेन्द्र को थी।
एसपी बालमुकुन्द वर्मा ने बताया कि मुकुंद जैन की हत्या मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार गला रेतकर की गई थी। आरोपियों को मंगलवार को न्यायालय में पीसी रिमांड के लिए पेश किया जाएगा। वारदात की रात को जैन के मोबाइल की कॉल्स डिटेल में संदिग्ध सारड़ी निवासी जितेन्द्र पुत्र गोपाल मण्डा, भिडासरी निवासी प्रहलाद पुत्र दोलाराम जाखड़ जो राजकीय बांगड़ महाविद्यालय डीडवाना में बीए द्वितीय वर्ष का छात्र भी है और सारड़ी निवासी सुरेन्द्र पुत्र रुपसिंह रावणा राजपूत के नाम सामने आए।
इन तीनों के सुजानगढ़ में होने की सूचना मिली। युवकों को हिरासत में लेकर जब पूछताछ की गई तो तीनों ने जैन की हत्या करना कबूल कर लिया।
इस तरह दिया हत्या को अंजाम
एएसपी रिशाल सिंह ने बताया कि तीनों ने सुजानगढ़ के एक होटल में योजना बनाकर मुकुंद जैन को लूटने की तैयारी कर उसे फोन किया और कहा कि पालिका चुनाव में अगर हमारी जरुरत है तो हम डीडवाना आए जाए।
जैन ने तीनों बुलाया तो ये लोग गुरुवार रात 12 बजे डीडवाना आए और जैन को बसस्टैंड से फोन कर आने की सूचना दी। जिस पर जैन ने कांग्रेस कार्यालय में मिलने को कहा। तीनों आरोपी जैन से कांग्रेस कार्यालय में मिले और आपस की बाते कर तीनों ने वहीं सोने का नाटक किया।
इस बीच मुकुंद जैन की आंख लग गई मगर तीनों जागते रहे। देर रात्री करीब 3:30 बजे जैन को सोता हुआ देखकर जितेन्द्र ने जैन का मुंह दबाया और प्रहलाद ने मुकुंदराज के पैर शॉल से बांध दिए जिसके बाद सुरेन्द्र ने चाकू से गला रेतकर जैन की हत्या कर दी।
इसके बाद वहां कार्यालय में रखी अलमारी को खोला मगर उसमें कुछ नहीं मिला और जैन की जेब से 110 रुपए व उसका मोबाइल लेकर कार्यालय से रवाना हो गए। वे रेलवे लाइन के पास होते हुए सांवराद पैदल ही गए। उन्होंने कहीं गोपनीय स्थान पर जाने की योजना बनाई थी जिसकी सूचना पुलिस को हो गई और तीनों को सुजानगढ़ में पकड़ लिया। तीनों को गिरफ्तार कर डीडवाना थाने लाया गया।
मॉडलिंग के शौक ने ही बना दिया हत्यारा
मास्टर माइंड जितेन्द्र को मॉडलिंग व फिल्मों में काम करने का शौक था और वह मुंबई व दिल्ली भी जाता रहता था। इसके लिए उसने कई बार घर से पैसे चोरी करना भी कबूल किया।
एएसपी रिशाल सिंह ने बताया कि जितेन्द्र सुजानगढ़ में घटना के दिन ही एक होटल में अपने साथी प्रहलाद व सुरेन्द्र से मिला व मॉडलिंग के लिए दोनों को पैसो की जरुरत बताई। उसनेसाथियों से कहा कि मुकुंदराज जैन के पास बहुत पैसा है और कांग्रेस पार्टी कार्यालय की अलमारी में रहता है। इसलिए इन तीनों ने मिलकर पैसे के लिए जैन की हत्या कर दी।










