आवासीय संपरीक्षा के अफसर कर्मचारियों को रिलीव किया
सागर. डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में राज्य के अधीन कार्य करने वाले आवासीय संपरीक्षा के अफसर-कर्मचारियों को सोमवार को एकतरफा रिलीव कर दिया गया है। कुलसचिव प्रो. पीके कठल ने इस आशय आदेश जारी कर दिए हैं।
गौरतबल है कि भास्कर ने 10 नवंबर को (अफसर-कर्मचारियों को कौन हटाए? ) शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। जिसमें आवासीय संपरीक्षा के विवि में कार्य करने को लेकर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद कुलपति प्रो. एनएस गजभिए ने शनिवार को आवासीय संपरीक्षा के बारे में अधिकारियों से पूछताछ की थी।
सोमवार को कुलसचिव ने अवासीय संपरीक्षा के अफसर-कर्मचारियों को एक तरफा रिलीव करने के आदेश जारी कर दिए। आदेश में कहा गया है कि राज्य शासन के वित्त मंत्रालय द्वारा विगत दिनों जारी एक पत्र में डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विवि का नाम प्रदेश के विश्वविद्यालयों की सूची से हटा दिया गया है। लिहाजा अब विवि को आवासीय संपरीक्षा की जरूरत नहीं है।
गौरतबल है कि डॉ. गौर विवि को 15 जनवरी-09 को राज्य विवि से केंद्रीय विवि का दर्जा प्राप्त हुआ था। इसके बाद से ही राज्य शासन के अधीन ऑडिट का कार्य करने वाले आवासीय संपरीक्षा को हटाने में विवि प्रशासन द्वारा हीलाहवाली की जा रही है। जबकि विवि को ऑडिट के बदले अतिरिक्त राशि एवं अफसर-कर्मचारियों को वेतन देना पड़ रहा था।
अवासीय संपरीक्षा के अफसर-कर्मचारियों को एक लाख की राशि के ऑडिट के बदले एक हजार रुपए का भुगतान करना पड़ रहा था। वह भी तब जबकि कुलपति द्वारा आवासीय संपरीक्षा के समकक्ष ऑडिट का कार्य कराने के लिए आंतरिक संपरीक्षा का गठन कर दिया था। इसके बाद भी आवासीय संपरीक्षा को हटाने की कार्रवाई नहीं की जा रही थी। भास्कर ने जब इस मुद्दे को उठाया तो विवि प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की।
जाते-जाते निपटा दिए कई प्रकरण- जानकारी के अनुसार कुलपति, कुलसचिव द्वारा कार्रवाई किए जाने की भनक लगते ही आवासीय संपरीक्षा के कतिपय अफसर-कर्मचारियों ने लंबे समय से लंबित कई प्रकरण सोमवार को एक ही दिन में निपटा दिए।
सोमवार को मुख्य प्रशासनिक भवन में आवासीय संपरीक्षा का यह कार्य चर्चा का विषय बना रहा। जिस शाखा में आवासीय संपरीक्षा के अफसर-कर्मचारी बैठते हैं, वहां सोमवार को दिनभर हलचल रही। वित्त शाखा के एक कर्मचारी ने बताया कि सोमवार को निपटाए गए प्रकरणों की संख्या सौ से अधिक है।
प्रमाणित कौन करेगा? आवासीय संपरीक्षा को हटाए जाने के बाद आंतरिक संपरीक्षा ऑडिट का कार्य करेगा, लेकिन इनके द्वारा किया गया ऑडिट प्रमाणिक होगा या नहीं ? इस बात को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। क्योंकि कुलपति ने आंतरिक व्यवस्था के तहत यह कार्य आंतरिक संपरीक्षा को दिया है।
आंतरिक संपरीक्षा द्वारा किए गए ऑडिट के कार्य को कौन प्रमाणित करेगा ? फिलहाल इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। वित्त अधिकारी पीएन सिंह का कहना है कि ऑडिट का कार्य केंद्रीय विवि के नियमानुसार ही कराया जाएगा।










